बेंगलुरू जेल के कट्टरपंथीकरण के संबंध में सात राज्यों में आतंकवाद विरोधी छापे

बेंगलुरू जेल के कट्टरपंथीकरण के संबंध में सात राज्यों में आतंकवाद विरोधी छापे
एक अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक आतंकवादी द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों को कट्टरपंथी बनाने से जुड़े मामले में आज कई जगहों पर छापेमारी की।

एक सूत्र ने बताया कि नेशनल रिसर्च एजेंसी (एनआईए) ने आज लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी द्वारा कैदियों को कट्टरपंथी बनाने से जुड़े एक मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की।
मामले के संदिग्धों से जुड़े कर्नाटक, तमिलनाडु और पांच अन्य राज्यों में 17 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।

बेंगलुरु सिटी पुलिस ने पिछले साल सात पिस्तौल, चार हथगोले, एक मैगजीन और 45 राउंड राउंड और चार वॉकी-टॉकी जैसे हथियार और गोला-बारूद की जब्ती के बाद शुरुआत में मामला दर्ज किया था।

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सबसे पहले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनसे पूछताछ के बाद एक और की गिरफ्तारी हुई, जिससे मामले में गिरफ्तारियों की कुल संख्या छह हो गई।

परमिट संचालक और सरगना, टी नजीर, जिसने बेंगलुरु की संबंधित जेल के भीतर इन पांच लोगों को कट्टरपंथी बनाया, जुनैद अहमद के साथ मामले में आरोपी है, जो वर्तमान में फरार है।

नज़ीर 2013 से बेंगलुरु की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है और जब वे 2017 में बेंगलुरु जेल में बंद थे तब वह अन्य आरोपियों के संपर्क में था।

एनआईए ने पिछले साल अक्टूबर में मामला अपने हाथ में लिया था और फिर अगली छापेमारी की थी।