औरंगाबाद ( बिहार) : बिहार – सरकार के पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल प्रदेश उपाध्यक्ष, डॉक्टर सुरेश पासवान ने कहा है कि चिराग पासवान कहते हैं, कि मैं शेर का बेटा हूँ! बहुत अच्छी बात है! लेकिन जिन्हें वे शेर कहते हैं, वे (श्री राम विलास पासवान) गोधरा कांड के विरोध में केंद्रीय मंत्रिमंडल से न सिर्फ़ इस्तीफ़ा दिये थे, बल्कि एक वोट से तत्कालीन वाजपेयी सरकार को केंद्र की सरकार से बेदख़ल करने का काम भी किया था, और अपना नाम एक वीर योद्धा एवं मूल्यों की राजनीति करने वाले नेता के रूप में दर्ज कराने का काम किया था।
लेकिन आप माननीय चिराग पासवान जो केंद्र में मोदी मंत्रिमंडल के सदस्य हैं! वे बिहार में बढ़ते अपराध पर मोदी के हनुमान बने रहकर दुख होने का प्रवचन तो करते हैं! लेकिन सत्ता में चिपके रहते हैं! ये दोमुँहा राजनीति देश और बिहार की जनता भी देख रही है।
चिराग पासवान जी यदि सच में आप शेर का बेटा है, तो शेर की तरह ही बिहार में बढ़ते अपराध, महाजंगलराज एवं गहन मतदाता पुनरीक्षण के ख़िलाफ़ केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे करके अपने पिता स्वर्गीय राम विलास पासवान की तरह साहस दिखाने का काम करेंगे। ये बिहार है, यहाँ की जनता राजनीति को बहुत बारीकी से समझती भी है, और निर्णय भी सुनाती है। इसलिए केवल बिहार – सरकार के ख़िलाफ़ ब्यान देकर सुर्खियों में बने रहने का नाटक कर रहे है! उसे बिहार की जनता भलीभांति आपको समझ रही है!
इसलिए मैं फिर से कह रहा हूँ, कि अगर आपके अंदर शेर वाला जज़्बा और साहस है, तो बिना देर किए हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा करके मैदान में आना चाहिए, और बिहार के 14 करोड़ लोगों पर हो रहे अत्याचार तथा अपराध की राजधानी बनी बिहार की जनता को उससे मुक्ति दिलाने का लड़ाई लड़े, नहीं तो जनता जिस तरह से 2025 के चुनावों में भाजपा – जदयू, एन.डी.ए. गठबंधन को धूल चटाने का मन बना चुकी है! उसी तरह यदि आप भी एन.डी.ए. के साथ चिपके रह गए, तो न घर के रहेंगे, न घाट के।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.