असाध्य मानी जाने वाली बीमारी में चौंकाने वाले नतीजे
मोटर न्यूरॉन रोग (Motor Neuron Disease – MND) एक गंभीर और धीरे-धीरे बढ़ने वाली न्यूरोलॉजिकल बीमारी मानी जाती है, जिसे आमतौर पर लाइलाज समझा जाता है। लेकिन होम्योपैथी ने इस बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है।
डॉ. ए. के. गुप्ता, जो AKGsOVIHAMS के संस्थापक निदेशक और द होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव हैं, ने होम्योपैथिक इलाज के ज़रिए MND और ALS (Amyotrophic Lateral Sclerosis) मरीजों में मिले सकारात्मक नतीजों को सबूत-आधारित केस हिस्ट्री के साथ प्रस्तुत किया है। चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं में इंटीग्रेशन के जनक के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. गुप्ता ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर रिसर्च की प्रस्तुति
डॉ. गुप्ता ने IFPH के 1960वें वेबिनार में ALS/MND और होम्योपैथिक दृष्टिकोण पर अपने शोध कार्य को साझा किया। इसके अलावा उन्होंने नीदरलैंड के यूट्रेक्ट में आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भी अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया।
MND के प्रकार और लक्षणों की जानकारी
डॉ. गुप्ता ने अपने व्याख्यान में बताया कि MND एक प्रोग्रेसिव न्यूरोलॉजिकल डिजनरेटिव बीमारी है। उन्होंने ALS के बल्बर वर्जन पर विशेष रूप से प्रकाश डाला, जिसमें मुंह, गला, जीभ और बोलने की क्षमता प्रभावित होती है। इसके कारण बोलने में दिक्कत, निगलने में परेशानी, ज़्यादा लार आना और दम घुटने जैसी समस्याएँ होती हैं। ऐसे मरीज अक्सर इसे ENT की समस्या समझकर पहले ENT विशेषज्ञों के पास जाते हैं।
वहीं दूसरी तरह के MND में हाथ-पैरों में कमज़ोरी, मांसपेशियों का गलना, फड़कन और चलने-फिरने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आते हैं।
एक बच्चे की रिकवरी बनी प्रेरणा
वेबिनार के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक पल तब आया, जब ALS/MND के इलाज में मिली एक बड़ी सफलता को साझा किया गया। एक छोटा बच्चा, जो कभी इस बीमारी के कारण पूरी तरह दूसरों पर निर्भर था, होम्योपैथिक इलाज से स्वस्थ हो गया।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अब तक 1200 से अधिक MND मरीजों पर क्लिनिकल रिसर्च की है और कई मामलों में महत्वपूर्ण सुधार देखे गए हैं। इस विशेष केस में बच्चा पहले न चल पाता था, न उठ पाता था, लेकिन इलाज के बाद वह सामान्य जीवन जी रहा है, दौड़ रहा है और यहाँ तक कि डिफेंस सर्विसेज़ में जाने का सपना देख रहा है।
वीडियो सबूतों के साथ पेश किया गया केस
इस केस को मरीज के वीडियो सबूतों के साथ प्रस्तुत किया गया। वीडियो में दिखाया गया कि कैसे पहले उसे गोद में उठाकर ले जाना पड़ता था, सहारे के बिना वह खड़ा भी नहीं हो पाता था, और फिर धीरे-धीरे वह चलने लगा, पुश-अप्स करने लगा और दौड़ने लगा। आज वह अपनी ज़िंदगी की सामान्य गतिविधियाँ दोबारा कर पा रहा है।
चिकित्सा जगत से मिली सराहना
देश के अलग-अलग हिस्सों से आए प्रतिभागियों, जिनमें न्यूरोलॉजिस्ट भी शामिल थे, ने इस रिसर्च पेपर की खुलकर तारीफ की। मरीज की ओवरऑल रिकवरी देखकर सभी हैरान थे और इसे मेडिकल फील्ड के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना गया।
होम्योपैथी बनी उम्मीद की किरण
डॉ. गुप्ता ने कहा, “हमारे AKGsOVIHAMS सेंटर्स में हम MND जैसे कठिन मामलों को लेना पसंद करते हैं। भगवान की कृपा से हमें इस भयानक बीमारी में उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में निरंतर रिसर्च के साथ होम्योपैथी को कठिन और तथाकथित लाइलाज बीमारियों के लिए एक मजबूत मेडिकल सिस्टम के रूप में देखा जाएगा।” कई मरीजों की गवाहियों और अच्छे नतीजों से यह साफ है कि MND जैसे रोगों में होम्योपैथी मरीजों के लिए उम्मीद की सुनहरी किरण बनकर उभरी है।
