बिक्रमगंज मंच से प्रधानमंत्री ने किया नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना के तीन नई यूनिट का शिलान्यास    

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औरंगाबाद: ( बिहार ) शुक्रवार दिनांक – 30 मई 2025 को देश के माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने शाहाबाद प्रक्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाली रोहतास जिला के बिक्रमगंज में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया.  जिसमें बिहार के महामहिम, आरिफ मोहम्मद खान, बिहार के माननीय मुख्यमंत्री, नीतीश कुमार,  बिहार के माननीय उप मुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी, बिहार के माननीय उपमुख्यमंत्री, विजय कुमार सिन्हा, माननीय केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके जीतन राम मांझी, माननीय केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशु पालन एवं डेयरी मंत्री, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री, गिरिराज सिंह, माननीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, चिराग पासवान, माननीय केंद्रीय कोयला एवं खदान राज्य मंत्री, सतीश चंद्र दुबे तथा केंद्र एवं बिहार सरकार के अन्य वरिष्ठ गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे.

यशस्वी प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने रिमोट दबाकर ( वर्चुअल ) औरंगाबाद जिला अंतर्गत पड़ने वाली नवीनगर प्रखंड के अंकोरहा स्थित नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना, स्टेज – 02 का शिलान्यास किया. जो 29,948 करोड़ रूपये से अधिक की लागत से बनने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है. इसके तहत 03 नई यूनिट का जो निर्माण किया जाना है. वो 800 मेगावाट की 03 नई परियोजना है. यानी कि स्टेज – 02 के तहत कुल – 2,400 मेगावाट क्षमता की नई विद्युत उत्पादन यूनिट का निर्माण किया जाएगा. जिससे पूर्वी भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता को और मजबूती मिलेगी. साथ ही नबीनगर सुपर थर्मल पावर परियोजना, स्टेज – 02, ( 300 * 800 : 2,400 मेगावाट ) की नई यूनिट अत्याधुनिक अल्ट्रा – सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित है. जो विद्युत उत्पादन की सर्वाधिक एफीशिएंसी प्रदान करती है.

एन.टी.पी.सी. द्वारा  पानी बचाने की अपनी प्रतिबद्धता के अंतर्गत नबीनगर स्टेज – 02 संयंत्रों में ड्राई बॉटम ऐश हैंडलिंग सिस्टम और एयरकूल्ड कंडेंसर स्थापित किया गया है. जिससे विद्युत उत्पादन के लिए ताजे पानी की खपत में काफी कमी आएगी.

इसके अलावा इस परियोजना से बिहार एवं अन्य राज्यों जैसे: उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल तथा पंजाब इत्यादि राज्यों को किफायती बिजली प्रदान की जाएगी. इस परियोजना से स्थानीय समुदायों, व्यवसायो तथा उद्योगों में बढ़ती ऊर्जा की ज़रूरतें पूरी होगी, और क्षेत्र के आर्थिक विकास में मदद मिलेगी. साथ ही इस परियोजना से देश को ऊर्जा सुरक्षा और किफायती ऊर्जा का दोहरा उद्देश्य पूरा करने में भी मदद मिलेगी.

एन.टी.पी.सी .लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत उपयोगिता कंपनी है. जो भारत में विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति में एक चौथाई का योगदान देती है. इसकी स्थापित क्षमता  80 जी.डब्लू. से अधिक है, तथा 32 जी.डब्लू. की अतिरिक्त क्षमता निर्माणाधीन है. जिसमें 13 जी.डब्लू. की ऊर्जा क्षमता नवीकरणीय है. कंपनी 2032 तक 60 जी.डब्लू. नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने हेतु प्रतिबद्ध है.

एन.टी.पी.सी. अपने ताप, जल, सौर तथा पवन ऊर्जा संयंत्रों द्वारा राष्ट्र में विश्वसनीय, किफायती और सतत् बिजली आपूर्ति करते रहने के लिए समर्पित है. कंपनी हरित भविष्य के लिए सर्वोत्तम अभ्यासों का पालन करने,  अभिनवता का विकास करने तथा स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों को अपनाने हेतु प्रतिबद्ध है.

ज्ञात हो कि शुक्रवार को देश के माननीय प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी ने बिहार के अंदर बिक्रमगंज की जनसभा से कुल – 48,520 करोड़ रूपये से अधिक की अनेक विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन तथा लोकार्पण किया है. जिसमे विद्युत, सड़क, रेल तथा शिक्षा से जुड़ी हुई परियोजना शामिल है.

ध्यातव्य हो कि नबीनगर प्रखंड  अंतर्गत अंकोरहा स्थित  एन.टी.पी.सी. में पूर्व से स्टेज – 01 के तहत 3*660 : 1,980  मेगावाट क्षमता वाली विद्युत उत्पादन यूनिट संचालित है, और स्टेज – 02 के तहत जब 800 मेगावाट की 03 यूनिट बनकर तैयार हो जाएगी, तो अंकोरहा स्थित प्लांट से कुल – 4,380 मेगावाट विद्युत का उत्पादन होगा.

इसके अतिरिक्त बारुण – नवीनगर एन.टी.पी.सी. मुख्य  पथ पर ही महज 07 किलोमीटर की दूरी पर खैरा में भी भारतीय  रेल बिजली कंपनी लिमिटेड का विद्युत उत्पादन केंद्र है. जहां  250 मेगावाट की 04 यूनिट यानी की कुल – 1,000 मेगावाट बिजली उत्पादन करती है. इस प्रकार यहां दोनों विद्युत उत्पादन केंद्र को मिलाकर कुल – 5,380 मेगावाट बिजली उत्पादन होगी.

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय

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