पुष्कर में 18 वे अधिवेशन में देश विदेश से जुटे हज़ारो ब्राह्मण लोग : प्रदीप शर्मा

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राष्ट्रीय शोध अभियान शुरू, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग आरक्षण EWS में 14 प्रतिशत करने की मांग उठी.

पटना (बिहार/ झारखंड) : रामगढ़, तीर्थराज पुष्कर में आयोजित विप्र फाउंडेशन के 18वें राष्ट्रीय परिषद अधिवेशन में ब्राह्मण समाज की पहचान और उनकी ज्ञान परंपरा को नए वैचारिक आधार पर स्थापित करने के उद्देश्य से ‘ब्राह्मण सदृशता पहचान रूपरेखा’ नामक राष्ट्रीय शोध अभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। इस अभियान का उद्देश्य ब्राह्मण हितचिंतक को केवल जन्म आधारित अवधारणा तक सीमित नहीं रखकर उसे ज्ञान, नैतिकता, तप और समाज के प्रति आयित्व की परंपरा के रूप में प्रस्तुत करना है।

संस्था के संस्थापक सुशील ओझा ने कहा कि यह शोध पहल नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ ब्राह्मण समाज के ऐतिहासिक योगदान को समझने के लिए संतुलित वैचारिक आधार तैयार करेगी। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षण को बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कुछ जटिल शर्तों के कारण वास्तविक लाभ पात्र लोग तक नहीं पहुंच पा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से संबंधित प्रस्तावित विधेयक का भी विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने की मांग की। ओझा ने कहा कि शोध अभियान पूर्ण होने के बाद ब्राह्मण समाज से जुड़े मुद्दों को प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत सहित राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा जाएगा।

401 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन

अधिवेशन में वर्ष 2026-28 के लिए 401 सदस्यों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन किया गया। मुंबई निवासी सत्यनारायण श्रीमाली को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, जबकि झारखंड  प्रदेश अध्यक्ष जय प्रकाश शर्मा को दायित्व सौंपा गया। अधिवेशन में विभिन्न क्षेत्रों से ब्राह्मण प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे , जेसे झारखंड  पुरुषोत्तम शर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जय प्रकाश शर्मा झारखंड प्रदेशअध्यक्ष, प्रदीप कुमार शर्मा महामंत्री थे। सभी लोगों ने सुशील ओझा के विचारों का समर्थन किया और  श्रीमाली को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सभी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाने के लिए चुना।

संगठन को मजबूत बनाने पर जोर

संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा ने कहा कि संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए कुछ कोर टीम नियुक्त की जाए, जिनके सफल कार्यान्वयन के लिए सभी सहयोग आवश्यक है। अधिवेशन में देशभर के 40 क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों पर भी सहमति व्यक्त की गई।

शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन पर बल

इस संस्था के 20 प्रमुख उद्देश्य कार्यक्रम की सूची प्रस्तुत की, जिसमें शिक्षा, संस्कार और आर्थिक स्वावलंबन को मुख्य आधार बनाया गया।

श्री परशुराम ज्ञानपीठ एवं स्टेथ्यू

इन प्रकल्पों को मिला समर्थन

इन दोनों प्रकल्पों के समर्थन में अधिवेशन में उपस्थित प्रतिनिधियों ने खड़े होकर करतल ध्वनि से समर्थन व्यक्त किया। इस आशय की जानकारी जय प्रकाश शर्मा, झारखंड प्रदेश अध्यक्ष व प्रदीप कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से दी l

Report : विश्वनाथ आनंद.

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