गया जी (बिहार) में कांग्रेस पार्टी द्वारा गया रेलवे जंक्शन स्थित टिकट आरक्षण भवन के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन भारतीय रेल के साधारण टिकट के किराए में की गई बढ़ोतरी के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नाम एक ज्ञापन भेजा।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि साधारण टिकट की मूल्यवृद्धि को तुरंत वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल को गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की लाइफलाइन कहा जाता है, लेकिन नए वर्ष की शुरुआत में किराया बढ़ाकर आम लोगों पर महंगाई का बोझ डाल दिया गया है।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कोरोना महामारी के समय आपदा को अवसर बनाकर वरिष्ठ नागरिकों, पत्रकारों और खिलाड़ियों को वर्षों से मिल रही रेल किराया रियायत बंद कर दी गई। इसके साथ ही पैसेंजर ट्रेनों के नाम के आगे “स्पेशल” जोड़कर दुगुना किराया वसूला जा रहा है, जो आम यात्रियों के साथ अन्याय है।
इस प्रदर्शन में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, धर्मेंद्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, दामोदर गोस्वामी, डी.एन.पी. शर्मा, राम लखन भगत, कमलेश चंद्रवंशी सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
नेताओं ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की कि निर्माणाधीन वर्ल्ड क्लास गया जंक्शन को जल्द से जल्द रेलवे डिवीजन बनाया जाए और यहां डीआरएम कार्यालय खोला जाए। इसके अलावा गया से मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद, बेंगलुरु और पुरी के लिए सीधी ट्रेनें शुरू करने की मांग भी उठाई गई।
उन्होंने गया जंक्शन से 15 किलोमीटर के दायरे में स्थित चाकंद, ईश्वर चौधरी हॉल्ट, मानपुर, बंधुआ, कष्ठा सहित अन्य रेलवे स्टेशनों के चहुंमुखी विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही बागेश्वरी, कटारी, मानपुर, बंधुआ और पंचायती अखाड़ा जैसे रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई।
इसके अलावा गया जंक्शन परिसर से बोधगया, आईआईएम, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय सहित अन्य प्रमुख स्थानों के लिए रिंग बस सेवा शुरू करने और पार्किंग स्टैंड में हो रही मनमानी शुल्क वसूली पर रोक लगाने की भी मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी पुरानी और जायज मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
रिपोर्ट: विश्वनाथ आनंद.
