फर्ज़ी पुलिस का रौब दिखाकर बड़ी लूट | दिनदहाड़े कारोबारी से 15 लाख रुपये के जेवरात ठगे

Share this News

मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में एक बार फिर ठगों ने पुलिस बनकर आम लोगों को चकमा देने की वारदात को अंजाम दिया है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग मोहल्ले में रहने वाले कारोबारी परमानंद गुप्ता से बदमाशों ने करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात लूट लिए।

यह घटना उस समय हुई, जब परमानंद गुप्ता सुबह अपने घर से तिलकुट खरीदने के लिए अघोरिया बाजार गए थे।

रास्ते में रोका, पुलिस होने का किया दावा

परमानंद गुप्ता अघोरिया बाजार से लौटकर थोड़ी ही दूर पहुंचे थे कि आमगोला के पास पीछे से बाइक सवार दो लोगों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। उन्होंने अपनी स्कूटी सड़क किनारे रोक दी।

दोनों बदमाशों ने खाकी रंग के कपड़े पहन रखे थे और उनका हुलिया बिल्कुल पुलिसकर्मियों जैसा था। बदमाशों ने खुद को पुलिस बताते हुए कहा कि आगे अशोक चौधरी के घर के पास बड़ी लूट की घटना हुई है। इसलिए इतने सारे गहने पहनकर जाना सुरक्षित नहीं है और उनकी ड्यूटी वहीं लगी है।

जेवर उतरवाकर दिया नकली बंडल

बदमाशों की बातों में आकर परमानंद गुप्ता ने अपनी सोने की चेन और चार अंगूठियां उतार दीं। ठगों ने एक कागज देकर कहा कि गहनों को इसमें लपेटकर स्कूटी की डिग्गी में रख लीजिए।

इसी दौरान एक और व्यक्ति वहां पहुंचा, जिसने भी खुद को पुलिस से जुड़ा बताया। वह भी ठगों का ही साथी था। तीनों ने मिलकर चालाकी से गहनों वाला बंडल बदल दिया और परमानंद गुप्ता को दूसरा बंडल थमा दिया।

उन्हें हिदायत दी गई कि बंडल घर जाकर ही खोलें।

घर पहुंचते ही खुली ठगी की पोल

जब परमानंद गुप्ता घर पहुंचे और बंडल खोला तो उनके होश उड़ गए। कागज में सोने के गहनों की जगह पत्थर के टुकड़े और नट-बोल्ट निकले।

घबराए हुए परमानंद गुप्ता तुरंत घटनास्थल पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी।

CCTV में भी नहीं दिखे बदमाश

मामले की जानकारी मिलते ही काजी मोहम्मदपुर थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की, लेकिन अब तक बदमाशों की कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ सकी है।

फिलहाल पुलिस उसी सड़क और आसपास के इलाकों में लगे अन्य कैमरों को खंगाल रही है। लूटे गए जेवरात की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।

कारोबारी खुद भी ज्वेलरी के धंधे से जुड़े

पीड़ित परमानंद गुप्ता खुद सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े हुए हैं। इस वजह से उन्होंने गहने पहने हुए थे, जिसका फायदा ठगों ने उठा लिया।

पुलिस की कार्रवाई जारी

थानाध्यक्ष नवलेश कुमार ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए इलाके में लगातार छानबीन की जा रही है। अन्य थानों से भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि बदमाशों की कद-काठी और हुलिया के आधार पर पहचान की जा सके।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

गौर करने वाली बात यह है कि मुजफ्फरपुर शहर के अलग-अलग इलाकों में पहले भी इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां ठग पुलिस बनकर लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। हालांकि अब तक पुलिस को इन मामलों में कोई बड़ी सफलता नहीं मिल पाई है।

रिपोर्ट: ग़ज़नफर इकबाल

Share this News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *