मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर शहर के कुख्यात रेडलाइट एरिया चतर्भुज स्थान में शुक्रवार को एक बड़ी और अहम कार्रवाई की गई। यह छापेमारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली के एंटी ट्रैफिकिंग सेल के निर्देश पर की गई, जिसमें दिल्ली से आई एनजीओ ‘रेस्क्यू फाउंडेशन’ की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
इस कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन नाबालिग लड़कियों के साथ-साथ तीन वयस्क महिलाओं को रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू की गई लड़कियों के बारे में बताया जा रहा है कि वे केवल बिहार की ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे दूसरे राज्यों से भी लाई गई थीं। सभी को पहले थाने ले जाकर पूछताछ की गई है, जिसके बाद उन्हें शेल्टर होम में रखने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सत्यापन के बाद उनके परिजनों को सूचना दी जाएगी।

छापेमारी के दौरान नगर थाना और मिठनपुरा थाना की पुलिस के साथ भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात थे। पूरे इलाके की पहले घेराबंदी की गई, ताकि कोई बाहर न निकल सके। अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी और शोर-शराबे के बीच कई लोग अपने घर छोड़कर इधर-उधर भागते नजर आए।
रेस्क्यू फाउंडेशन के अधिकारी अक्षय पांडेय ने बताया कि टीम को पुख्ता सूचना मिली थी कि चतर्भुज स्थान के रेडलाइट एरिया में नाबालिग लड़कियों को जबरन रखकर उनसे गलत काम और देह व्यापार कराया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर पूरी योजना बनाकर यह छापेमारी की गई।
टीम ने दो ठिकानों पर विशेष रूप से छापा मारा, जहां से नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया। इन दोनों ठिकानों से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस ने इन घरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है।
इस कार्रवाई में शामिल तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। सिटी एसपी कोटा किरण और एसडीपीओ टाउन-1 को इस पूरे मामले की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। उन्हीं के निर्देश पर पुलिस और एनजीओ की संयुक्त टीम बनाकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
जांच अधिकारी के निर्देश पर नगर थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सिटी एसपी कोटा किरण ने साफ शब्दों में कहा है कि इस धंधे में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
गौरतलब है कि रेस्क्यू फाउंडेशन की टीम पिछले कुछ समय से उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में सक्रिय है और मानव तस्करी व नाबालिगों के शोषण के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को भी उसी कड़ी में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट: ग़ज़नफर इक़बाल.
