औरंगाबाद (बिहार): मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार, 14 जनवरी 2026 को औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित चर्चित गेट स्कूल के खेल मैदान में अल्ट्राटेक कंपनी की ओर से पारंपरिक पतंगबाजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न सिर्फ त्योहार की रौनक बढ़ाई, बल्कि लोगों को पुरानी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की याद भी दिलाई।
इस कार्यक्रम का नेतृत्व शहर के चर्चित व्यवसायी एवं रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या 224 के पूर्व लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह ने किया। आयोजन में अल्ट्राटेक कंपनी की पूरी टीम सक्रिय रूप से शामिल रही, जिसमें क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष कुमार, विक्रय पदाधिकारी समीर तिवारी, तकनीकी अधिकारी चंद्रशेखर, अभय दुबे समेत दर्जनों कर्मचारी एवं व्यवसाय से जुड़े लोग मौजूद थे।

गेट स्कूल का खेल मैदान इस अवसर पर रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। खुले आसमान में उड़ती पतंगों को देखकर उपस्थित लोग पुराने दिनों की यादों में खो गए। बच्चों से लेकर युवाओं और वरिष्ठ लोगों तक सभी ने उत्साह के साथ इस पारंपरिक खेल में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान आपसी मेल-जोल और सौहार्द का वातावरण देखने को मिला।
इसी दौरान जब संवाददाता ने पूर्व लोजपा प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह से यह सवाल किया कि आज के समय में पतंगबाजी जैसे पारंपरिक खेल लगभग विलुप्त होते जा रहे हैं, इस पर उनका क्या कहना है, तो उन्होंने बेहद सहज और स्पष्ट शब्दों में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह बात बिल्कुल सही है कि आज की भाग-दौड़ भरी जिंदगी में पहले जैसी खुशी और उत्साह त्योहारों में देखने को नहीं मिलता। सिर्फ पतंगबाजी ही नहीं, बल्कि लगभग हर पर्व का स्वरूप बदल गया है।
उन्होंने आगे कहा कि आज का यह कार्यक्रम अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी की ओर से आयोजित किया गया है, जिसमें शहर के गणमान्य लोगों और इस व्यवसाय से जुड़े व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को एक-दूसरे से जोड़ना और हमारी पुरानी संस्कृति को जीवित रखना भी है। पतंगबाजी के बाद दही-चूड़ा और गुड़ भोज का भी आयोजन किया गया, जिससे मकर संक्रांति की परंपरा को पूरी तरह निभाया गया।
मनोज कुमार सिंह ने कहा कि जिस तरह लोग आज एक-दूसरे से मिल रहे हैं, बातें कर रहे हैं और मिल-जुलकर त्योहार मना रहे हैं, वही असली त्योहार की पहचान है। पतंगबाजी जैसे खेल भले ही धीरे-धीरे कम होते जा रहे हों, लेकिन इस तरह के प्रयासों से इन्हें फिर से जीवित रखा जा सकता है। अंत में उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए अल्ट्राटेक की पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।
वहीं, इस आयोजन के संबंध में अल्ट्राटेक टीम के सदस्य विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिस प्रकार ईंट, बालू और छरी को मिलाकर एक मजबूत मकान तैयार किया जाता है, उसी तरह अल्ट्राटेक कंपनी समाज को जोड़ने और मजबूती देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक छोटा लेकिन सार्थक प्रयास है।
टीम में शामिल तकनीकी अधिकारी चंद्रशेखर ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि अल्ट्राटेक का उद्देश्य केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना भी है। उन्होंने कहा कि पुरानी खेल और परंपराएं हमारी पहचान हैं और इन्हें हमेशा जीवित रखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, गेट स्कूल मैदान में आयोजित यह पतंगबाजी कार्यक्रम मकर संक्रांति के अवसर पर खुशियों, परंपरा और आपसी भाईचारे का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
