भाईयो और बहनों, क्रिकेट प्रेमियों! आज का दिन भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए थोड़ा सा दुख भरा है। न्यूजीलैंड ने भारत को उसके घर में आकर ODI सीरीज में 2-1 से हरा दिया। जी हां, आपने सही पढ़ा – न्यूजीलैंड की टीम ने भारत में पहली बार कोई बाइलेटरल ODI सीरीज जीती है! यह इतिहास रचने वाली जीत इंडोर के होलकर स्टेडियम में हुई, जहां तीसरा वनडे खेला गया। मैं आपको पूरी कहानी बताता हूं, सरल भाषा में, जैसे हम दोस्तों के बीच बैठकर मैच की चर्चा करते हैं।
मैच की शुरुआत और न्यूजीलैंड की धमाकेदार बल्लेबाजी
मैच दिन-रात का था, टॉस भारत ने जीता और पहले गेंदबाजी चुनी। सबको लगा कि इंडोर की पिच हाई स्कोरिंग होगी, जैसी हमेशा रहती है। लेकिन न्यूजीलैंड की शुरुआत बहुत खराब हुई। सिर्फ 58 रन पर उनके 3 विकेट गिर गए। लगा कि भारतीय गेंदबाज आज आग उगल रहे हैं। अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने शानदार गेंदबाजी की।
फिर आया वह पल जो मैच का टर्निंग पॉइंट बना। डेरिल मिशेल और ग्लेन फिलिप्स ने चौथे विकेट के लिए 219 रनों की साझेदारी की। भाई, 219 रन! यह न्यूजीलैंड की भारत के खिलाफ भारत में सबसे बड़ी साझेदारी का रिकॉर्ड बन गया। मिशेल ने 131 गेंदों में 137 रन ठोके – 15 चौके और 3 छक्के। शांत और संयमित बल्लेबाजी, जैसे कह रहे हों “आज हम हारने नहीं आए”। फिलिप्स ने तो तूफान मचा दिया – 88 गेंदों में 106 रन, 9 चौके और 3 छक्के। आक्रामक अंदाज, भारतीय गेंदबाजों की हालत खराब।
आखिरी ओवरों में माइकल ब्रेसवेल ने 18 गेंदों में 28 रन ठोककर स्कोर 337/8 तक पहुंचा दिया। भारतीय गेंदबाजी अंत में बिखर गई। अर्शदीप ने 3 विकेट लिए, हर्षित ने भी अच्छा साथ दिया, लेकिन वो साझेदारी इतनी बड़ी थी कि स्कोर बहुत बड़ा हो गया।
भारत की बल्लेबाजी – शुरुआत में झटके, विराट की जंग
338 रनों का पीछा करना आसान नहीं था। भारतीय ओपनिंग जोड़ी – रोहित शर्मा और शुभमन गिल – से बड़ी उम्मीद थी। लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने कमाल कर दिया। काइल जैमिसन की लंबाई और स्विंग, जेडेन लेन्नॉक्स की स्पिन – सबने मिलकर भारतीय टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया।
रोहित शर्मा सिर्फ 11 रन बनाकर आउट। गिल 23 रन पर। फिर श्रेयस अय्यर 3 और केएल राहुल 1 रन। 15-16 ओवर के आसपास टीम 82-83/4 पर थी। स्टेडियम में सन्नाटा, फैंस के चेहरे उतरे हुए। सबकी निगाहें विराट कोहली पर टिक गईं। उनके साथ युवा नीतीश कुमार रेड्डी थे।
विराट ने फिर वही पुराना जादू दिखाया। धीरे-धीरे रन बनाए, फिर तेज किए। नीतीश ने भी 53 रनों का अच्छा साथ दिया। पांचवें विकेट के लिए 88 रन जोड़े। लगा कि मैच बच सकता है। लेकिन नीतीश आउट हुए, फिर जडेजा भी ज्यादा नहीं टिके।
आखिर में हर्षित राणा ने कमाल कर दिया – 52 रन (43 गेंद, 4 छक्के!)। विराट के साथ सातवें विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी। विराट ने अपनी 54वीं ODI सेंचुरी पूरी की – 124 रन, 108 गेंदों में। लेकिन आखिरी ओवरों में दबाव बढ़ा। विराट 45.4 ओवर में आउट हुए, फिर बाकी विकेट जल्दी गिर गए। भारत 46 ओवर में 296 रन पर ऑलआउट। 41 रनों से हार।

क्यों हारा भारत? कुछ बातें जो दिल को छू गईं
दोस्तों, हार के कई कारण हैं। टॉप ऑर्डर का फेल होना सबसे बड़ा। रोहित, गिल, अय्यर, राहुल – सब जल्दी आउट। अगर शुरुआत अच्छी होती तो शायद बात अलग होती। गेंदबाजी में भी मिडिल ओवरों में कंट्रोल नहीं रहा। वो 219 रनों की साझेदारी रोक नहीं पाए।
लेकिन क्रेडिट न्यूजीलैंड को जाना चाहिए। उन्होंने दबाव में कमाल की बल्लेबाजी की। मिशेल और फिलिप्स ने मैच पलट दिया। उनकी गेंदबाजी भी डिसिप्लिन्ड थी। यह जीत उनके लिए बहुत बड़ी है – भारत में पहली ODI सीरीज जीत। 37 साल बाद कुछ ऐसा।
विराट की पारी देखकर दिल खुश हुआ। हार के बावजूद उन्होंने लड़ाई लड़ी। युवा खिलाड़ी जैसे नीतीश और हर्षित ने उम्मीद जगाई। आगे टी20 सीरीज है, वहां वापसी कर सकते हैं।
फैंस का रिएक्शन सोशल मीडिया पर देखा – कुछ दुखी, कुछ गुस्सा, लेकिन ज्यादातर विराट की तारीफ। स्टेडियम में भीड़ अच्छी थी, हालांकि कुछ सीटें खाली भी दिखीं। लेकिन जो थे, उन्होंने भरपूर सपोर्ट किया।
कुल मिलाकर, क्रिकेट में ऐसा होता है। कभी हम जीतते हैं, कभी सीखते हैं। न्यूजीलैंड को बधाई, और भारतीय टीम को अगले मैच के लिए शुभकामनाएं!
Report : ismatimes news desk.
