गया जी (बिहार): महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने के लिए देशभर में चल रहे आंदोलन के तहत कांग्रेस पार्टी अब गया जिले के गांव-गांव तक पहुंचेगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हस्ताक्षर युक्त दो पृष्ठों का संदेश गया जिले के मजदूरों के बीच वितरित किया जाएगा।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू ने बताया कि यह संदेश गया जिले के सभी 24 ग्रामीण प्रखंडों, 332 ग्राम पंचायतों और करीब 4000 गांवों में पहुंचाया जाएगा। इस अभियान में कांग्रेस के कार्यकर्ता सीधे मजदूरों से संवाद करेंगे और मनरेगा से जुड़े मुद्दों को उनके सामने रखेंगे।
इस मौके पर पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष युगल किशोर सिंह, कांग्रेस अनुसूचित जाति-जनजाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुनील कुमार पासवान, धर्मेंद्र निराला, कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ की अध्यक्ष विद्या शर्मा, इंटक के महासचिव टिंकू गिरी, शिव कुमार चौरसिया, जनार्दन मांझी, मुन्ना मांझी, सुभाष चौधरी और सियाराम रविदास सहित कई कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से अपनी बात रखी।
नेताओं ने कहा कि आज से लगभग बीस वर्ष पहले डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा कानून लागू कर संविधान में निहित काम के अधिकार को हकीकत में बदला था। इस कानून के तहत अब तक देशभर में 180 करोड़ से अधिक कार्य दिवस सृजित हुए हैं। इसके साथ ही गांवों में तालाब, सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़ी करीब 10 करोड़ परिसंपत्तियों का निर्माण हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मौजूदा मोदी सरकार मनरेगा को चार खतरनाक तरीकों से कमजोर करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि काम पाने का अधिकार छीना जा रहा है, मजदूरी के भुगतान में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं, ग्राम पंचायतों की शक्तियां ठेकेदारों को सौंपी जा रही हैं और राज्य सरकारों को कमजोर कर उन पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
नेताओं ने साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी इन बदलावों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। मनरेगा में किए जा रहे कथित बदलावों को वापस कराने के लिए पार्टी 26 फरवरी तक चरणबद्ध आंदोलन चलाएगी और मजदूरों की आवाज को सड़क से संसद तक उठाया जाएगा।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
