मुजफ्फरपुर : मुजफ्फरपुर सहित बिहार के पांच जिलों के व्यवहार न्यायालयों को ई-मेल के जरिए कोर्ट को उड़ाने की धमकी मिली थी। इस धमकी के बाद बुधवार को कोर्ट परिसर में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा को देखते हुए सभी न्यायिक कार्य तुरंत रोक दिए गए और पुलिस तथा कोर्ट प्रशासन की मदद से पूरे परिसर को खाली करा लिया गया।
कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। आने-जाने वालों की मेटल डिटेक्टर से जांच की गई और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की गहन तलाशी ली। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, फिर भी एहतियात के तौर पर जांच अभियान जारी रखा गया।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जिला पुलिस, होमगार्ड और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी। बताया गया कि यह धमकी भरा ई-मेल मुजफ्फरपुर के साथ-साथ भागलपुर, सीवान, समस्तीपुर और बेगूसराय की अदालतों के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर भेजा गया था। ई-मेल में सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच बम धमाके की बात कही गई थी और आत्मघाती बम के इस्तेमाल का भी जिक्र था।
बार एसोसिएशन और एडवोकेट्स एसोसिएशन के सहयोग से कोर्ट परिसर को पूरी तरह खाली कराया गया, जिसके चलते उस दिन कोई भी सुनवाई नहीं हो सकी। शुरुआती जांच में पुलिस को यह ई-मेल आंध्र प्रदेश से भेजा गया प्रतीत हो रहा है।
जब तलाशी के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तो पुलिस अधिकारियों और कोर्ट प्रशासन के बीच बैठक हुई। बैठक में यह फैसला लिया गया कि आज से कोर्ट में फिर से सुनवाई शुरू की जाएगी। हालांकि सुरक्षा के मद्देनज़र आगे भी सघन जांच और सतर्कता जारी रहेगी।
रिपोर्ट: ग़ज़नफर इकबाल.
