हिमंता की ‘मियां’ टिप्पणी पर प्रमोद तिवारी का करारा वार

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असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने एक बार फिर अपने बयान से बवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को लेकर कुछ ऐसी बातें कही हैं जो विपक्ष को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो रही। हिमंता का कहना है कि असम में अवैध घुसपैठ रोकनी है, और इसके लिए लोगों को परेशान करना जरूरी है। मिसाल के तौर पर उन्होंने कहा कि अगर मियां रिक्शा वाला 5 रुपये मांगे तो 4 ही दो, या वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के लिए शिकायत करो। उनका तर्क है कि ये बांग्लादेश से आए लोग हैं, और असम की अस्मिता को बचाना है।

लेकिन ये बयान सुनते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस, AIUDF और दूसरे नेता हिमंता पर हमलावर हो गए। इनमें सबसे तीखा हमला किया कांग्रेस के सीनियर सांसद प्रमोद तिवारी ने। लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए तिवारी जी ने हिमंता के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, “ये किसी मुख्यमंत्री का बयान नहीं लगता, बल्कि किसी सड़क छाप नेता का बयान लगता है। मियां बुला रहा है। जहां तरुण गोगोई जैसे शानदार मुख्यमंत्री रहे हों, वहां कुर्सी पर बैठकर इतना घटिया बयान देना शर्म की बात है। ये आदमी मुख्यमंत्री पद के काबिल नहीं है।”

तिवारी जी यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा कि हिमंता कम्युनल बातें करके और ध्रुवीकरण करके चुनाव लड़ना चाहते हैं। अपनी उपलब्धियों पर तो बोलो ना, दूसरों को नीचा दिखाकर क्या फायदा? ये बयान सुनकर लगता है कि कोई जिम्मेदार नेता नहीं, बल्कि गली-मोहल्ले का गुंडा बोल रहा है।

दरअसल, हिमंता अक्सर ऐसे बयानों से सुर्खियां बटोरते हैं। कभी घुसपैठ पर, कभी जनसंख्या पर। बीजेपी वाले कहते हैं कि वो असम को बचाने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं, लेकिन विपक्ष का मानना है कि ये सिर्फ वोट की राजनीति है और नफरत फैलाने का तरीका। कांग्रेस ने तो हिमंता को ‘हिंदू जिन्ना’ तक बोल दिया है। दूसरी तरफ AIUDF चीफ बदरुद्दीन अजमल ने भी चेतावनी दी है कि मियां लोग इस बार जवाब देंगे।

ये पूरा मामला असम में वोटर लिस्ट सुधार और घुसपैठ के मुद्दे से जुड़ा है। हिमंता कहते हैं कि लाखों अवैध नाम कटेंगे, लेकिन विपक्ष इसे मुस्लिमों के खिलाफ साजिश बता रहा है। अब देखना ये है कि ये बवाल कहां तक जाता है। राजनीति में ऐसे बयान आम हो गए हैं, लेकिन क्या ये देश के लिए अच्छा है? आपकी राय क्या है भाई? कमेंट करके जरूर बताइए।

ऐसे मुद्दों पर खुलकर बात होनी चाहिए, ताकि सच सामने आए। बने रहिए हमारे साथ, ऐसी ही ताजा और सच्ची खबरें लाते रहेंगे।

Report: ismatimes news desk.

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