औरंगाबाद (बिहार) की स्वयंसेवी संस्था पथ प्रदर्शक इन दिनों पूरे देश में रक्तदान को लेकर एक खास मुहिम चला रही है। संस्था का लक्ष्य साफ है—रक्तदान को सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन आंदोलन बनाना। इसी सोच के साथ “मिशन रक्तदान हिंदुस्तान” अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत संस्था के संस्थापक सह सचिव बमेंद्र कुमार सिंह अलग-अलग राज्यों के शहरों में स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित कर रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रक्तदान शिविर लगाया गया। यह शिविर IDBI Bank आसनसोल और महादेव सेवा फाउंडेशन के सहयोग से आश्रम मोड़, आसनसोल स्थित आईडीबीआई बैंक परिसर में आयोजित हुआ।
शिविर का उद्घाटन आईडीबीआई बैंक के प्रबंधक अनुप कुमार मिश्रा, पथ प्रदर्शक के संस्थापक बमेंद्र कुमार सिंह, महादेव सेवा फाउंडेशन के संस्थापक शिवम भगत और पथ प्रदर्शक की जमुई जिला इकाई के अध्यक्ष शैलेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
बैंक प्रबंधक अनुप कुमार मिश्रा ने बताया कि उनका ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव है, जो काफी दुर्लभ माना जाता है। वे अब तक 45 बार रक्तदान कर चुके हैं और युवाओं को भी इसके लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों से वे पथ प्रदर्शक की रक्त सेवा से जुड़े हुए हैं और जहां भी उनकी पोस्टिंग होती है, वहां संस्था के साथ मिलकर रक्तदान शिविर जरूर आयोजित करते हैं।
आसनसोल में महादेव सेवा फाउंडेशन भी लगातार जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध करा रहा है। संस्था के संस्थापक शिवम भगत ने बताया कि उन्होंने रक्त सेवा के लिए एक ग्रुप बनाया है, जिसमें सैकड़ों युवा-युवतियां जुड़े हुए हैं। जरूरत पड़ते ही ये लोग तुरंत रक्तदान के लिए आगे आते हैं।
रक्तसेवक बमेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि उनका मकसद हिंदुस्तान में रक्तदान को जन आंदोलन बनाना है, ताकि किसी भी ब्लड बैंक में खून की कमी न हो और किसी की जान सिर्फ रक्त के अभाव में न जाए। उन्होंने बताया कि पथ प्रदर्शक द्वारा अब तक 200 से ज्यादा रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। मिशन रक्तदान हिंदुस्तान के तहत यह आठवें राज्य का बीसवां शिविर है।
इस शिविर में अनुप कुमार मिश्रा, विकास कुमार, सोमेन रॉय, शैलेश कुमार सिंह, छोटू साव, विक्रम भगत, तपेश भगत, प्रशांत जेवियर, मो. सफूला अंसारी, मो. तौक़ीर, मंगल सिंह, धनेश्वर साव, पंकज मंडल और स्मृति राज सहित कुल 15 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
