पुलिस–पब्लिक क्रिकेट लीग: खेल के माध्यम से जुड़ाव और प्रेरणा
औरंगाबाद के पुलिस केंद्र स्थित खेल मैदान में पुलिस–पब्लिक क्रिकेट लीग का फाइनल मुकाबला बड़े ही उत्साह और जोश के साथ आयोजित किया गया। इस महा मुकाबले में नगर बनाम ओबरा टीम आमने-सामने थीं। आयोजन का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच सहभागिता को मजबूत करना और युवाओं को सकारात्मक दिशा देना था।

पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल की प्रेरक भूमिका
मैच से पहले औरंगाबाद जिले के पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल खेल मैदान पहुंचे और उन्होंने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-01 संजय कुमार पाण्डेय भी उनके साथ मौजूद रहे।
इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने स्वयं टॉस कराया। टॉस ओबरा टीम ने जीता, लेकिन उन्होंने पहले बल्लेबाजी न करते हुए फील्डिंग करने का निर्णय लिया। इसके बाद पूरे मैदान में राष्ट्रगान का आयोजन हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक सहित सभी उपस्थित लोगों ने भाग लिया।

मैच का रोमांचक विवरण
टॉस के बाद मुकाबले की शुरुआत नगर टीम की बल्लेबाजी से हुई। नगर टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में कुल 160 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी ओबरा टीम ने काफी प्रयास किया, लेकिन वे 16.4 ओवर में केवल 117 रन ही बना सकी।
इस तरह नगर टीम ने 43 रन से मुकाबला जीतकर फाइनल अपने नाम कर लिया।

किस्सू मिश्रा बने मैच के सितारे
इस रोमांचक मुकाबले में नगर टीम के खिलाड़ी किस्सू मिश्रा का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा। उन्हें उनके उत्कृष्ट खेल के लिए
मैन ऑफ द मैच
मैन ऑफ द सीरीज
के खिताब से सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह और पुरस्कार वितरण
मैच समाप्ति के बाद पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल ने विजेता नगर टीम को ट्रॉफी, नगद राशि, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
इसके साथ ही
द्वितीय विजेता – ओबरा टीम
तृतीय विजेता – पौथू टीम
को भी ट्रॉफी, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान जब पुलिस अधीक्षक मंच के पास पहुंचे, तो यातायात पुलिस उपाधीक्षक द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। साथ ही जिला वन पदाधिकारी श्रीमती रुचि सिंह को भी मनीषा मैम द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन
पूरा आयोजन अनुशासन, उत्साह और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। यह क्रिकेट लीग न केवल खेल प्रतियोगिता थी, बल्कि पुलिस और आम जनता के बीच विश्वास, सहयोग और संवाद को मजबूत करने की एक सराहनीय पहल भी साबित हुई।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
