औरंगाबाद, बिहार में सोमवार 09 फरवरी 2026 को जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस का माहौल उस वक्त सियासी तौर पर गरमा गया, जब कांग्रेस के वरीय पदाधिकारी और कार्यकर्ता एक साथ जुटे और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी नाराज़गी खुलकर जाहिर की। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सीधे तौर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ राजेश राम के खिलाफ थी।
मौके पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काफी सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का मौजूदा रवैया पार्टी को कमजोर कर रहा है। उनका कहना था कि अगर कांग्रेस आला कमान ने इस मसले को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले वक्त में बिहार में कांग्रेस की हालत और खराब हो सकती है। यहां तक कि कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि पार्टी को दो सीटें भी मिलना मुश्किल हो जाएगा।
मीडिया से मुखातिब होते हुए नेताओं ने अपील की कि उनकी बातों को प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि ये आवाज़ सीधे कांग्रेस नेतृत्व तक पहुंचे। उनका कहना था कि पार्टी इस वक्त बिहार में एक तरह के “संक्रमण काल” से गुजर रही है और अगर अभी सुधार नहीं हुआ, तो नुकसान और बढ़ेगा। उन्होंने खुद को कांग्रेस का सच्चा सिपाही बताते हुए कहा कि जो लोग वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं, उन्हीं के साथ अन्याय हो रहा है। आरोप लगाया गया कि कई समर्पित कार्यकर्ताओं को शो-कॉज़ नोटिस थमाया जा रहा है, जिससे संगठन के अंदर नाराज़गी बढ़ रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद सभी लोगों ने एक सुर में कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का चयन ही गलत हुआ है। उनका साफ कहना था कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को ज़मीनी कार्यकर्ताओं की बात सुननी होगी। कार्यकर्ताओं ने अध्यक्ष को “नासमझ” बताते हुए नेतृत्व बदलने की मांग दोहराई।
इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य और खगड़िया विधानसभा क्षेत्र संख्या 149 के पूर्व विधायक सह उप सचेतक, पूर्व सदस्य कृषि उद्योग समिति बिहार विधानसभा एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता छत्रपति यादव मौजूद थे। उनके अलावा पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व महासचिव प्रदेश कांग्रेस नागेंद्र पासवान विकल, पंचायती राज के औरंगाबाद जिलाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह, बारुण प्रखंड अध्यक्ष देवंती देवी, मनोज कुमार, कांग्रेस नेता धीरेंद्र कुमार सिंह, इरफानूल हक, सल्लू खां समेत कई कार्यकर्ता भी शामिल रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया कि बिहार कांग्रेस के अंदरूनी हालात इस समय काफी तनावपूर्ण हैं और कार्यकर्ताओं की नाराज़गी अब खुलकर सामने आ रही है।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
