औरंगाबाद में मनरेगा नाम बदलाव पर हंगामा! भाजपा नेताओं ने संवाददाता के सवालों के दिए जवाब

BJP MLAs Defend Renamed MGNREGA Scheme in Aurangabad Press Conference
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मनरेगा में बदलाव को लेकर औरंगाबाद में जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को औरंगाबाद के सदर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक हलचल देखने को मिली। एनडीए समर्थित भाजपा के नए विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह और विधान पार्षद दिलीप कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया।

किसने लिया हिस्सा?

इस कार्यक्रम में भाजपा के जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह चंद्रवंशी और पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह मौजूद रहे। साथ ही, एनडीए गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं ने भी इसमें शिरकत की। जनता दल यूनाइटेड से जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार सिंह (गुड्डू सिंह) और लोजपा (रामविलास) के जिलाध्यक्ष चंद्र भूषण सिंह (सोनू सिंह) भी मंच पर उपस्थित थे।

मुद्दा क्या था?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य मकसद मीडिया को मनरेगा के नए रूप के बारे में जानकारी देना था। बता दें कि मनरेगा का नाम बदलकर अब ‘वी.बी.जी. राम जी’ कर दिया गया है। नेताओं ने इस बदलाव के फायदे गिनाने शुरू किए, लेकिन तभी एक संवाददाता ने तीखे सवाल दागे।

संवाददाता ने उठाए गंभीर सवाल

संवाददाता ने नेताओं से पूछा कि योजना का नाम बदलने और इसे ग्राम प्रधानों को सौंपे जाने के बाद भी गड़बड़ियाँ क्यों जारी हैं? उन्होंने कहा कि जिन असली लाभार्थियों का नाम जोड़ना चाहिए, वह नहीं जुड़ रहा, जबकि अयोग्य लोगों के नाम लिस्ट में शामिल हैं।

उन्होंने एक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि औरंगाबाद जिले में ऐसी महिलाओं के नाम मनरेगा में डाले गए हैं, जो घर से बाहर निकलती भी नहीं हैं। खुद उन महिलाओं को इस बात की जानकारी नहीं है कि उनके नाम पर पैसा निकाला जा रहा है। इस तरह मजदूरों के नाम पर सरकारी खजाने से गलत तरीके से पैसे निकाले जा रहे हैं।

भाजपा नेताओं का जवाब

इन गंभीर आरोपों के जवाब में भाजपा के दोनों नेताओं ने एक सुर में बचाव किया। उन्होंने माना कि पुराने मनरेगा में मिट्टी के काम (सॉइल वर्क) के नाम पर गलतियाँ हुईं और पैसे का गलत इस्तेमाल हुआ।

हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि नई ‘वी.बी.जी. राम जी’ योजना में यह सब बदल जाएगा। उनके मुताबिक:

अब मिट्टी के काम (सॉइल वर्क) पर जोर नहीं रहेगा।

मजदूरों को अब 100 दिन की बजाय 125 दिन के रोजगार का आश्वासन है।

अब पैसा सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होगा, जिससे गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहेगी।

डिजिटल युग में सब कुछ पारदर्शी हो गया है, इसलिए अब गलतियाँ होने का सवाल ही नहीं उठता।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नेताओं ने पुरानी व्यवस्था की कमियाँ स्वीकार करते हुए नई योजना के तहत एक पारदर्शी और बेहतर भविष्य का वादा किया।

Report : Ajay Kumar Pandey.

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