गरीब से ग्रीन एनर्जी के उस्ताद: KP Group और उनके सफर की प्रेरणादायक कहानी।

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प्रिय दोस्तों, डॉ. फारूक गुलाम पटेल की कहानी सचमुच एक जीती-जागती मिसाल है – गरीबी से उठकर अरबों की दौलत और ग्रीन एनर्जी का साम्राज्य खड़ा करने की। एक बस कंडक्टर के बेटे से गुजरात के सबसे अमीर मुस्लिम बिजनेसमैन और सूरत के नंबर-1 अरबपति तक का सफर। ये सिर्फ पैसों की कहानी नहीं, बल्कि लगन, दूरदर्शिता, ईमानदारी और मेहनत की मिसाल है। आइए, उनकी जिंदगी की पूरी कहानी विस्तार से जानते हैं – शुरुआत से आज तक।

शुरुआती जीवन और संघर्ष

डॉ. फारूक गुलाम पटेल का जन्म 24 मार्च 1972 को भरूच जिले के वग्रा तालुका के सलादरा गांव में हुआ। उनके पिता गुलाम भाई पटेल गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC) में बस कंडक्टर थे। परिवार की माली हालत इतनी खराब थी कि बचपन में बड़े सपने देखना भी मुश्किल लगता था। सूरत में पले-बढ़े फारूक ने गरीबी को बहुत करीब से देखा। घर चलाने के लिए उन्होंने छोटी उम्र में ही काम करना शुरू कर दिया – कुछ रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि उन्होंने कैफे में भी काम किया और परिवार की मदद के लिए मुंबई तक गए।

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा करने के बाद फारूक ने नौकरी की तलाश नहीं की। उनके अंदर कुछ बड़ा करने की आग थी। 1994 में, सिर्फ 22 साल की उम्र में, उन्होंने महज 1 लाख रुपये की पूंजी से KP Group की नींव रखी। शुरुआत बेहद छोटी थी – सूरत के अदाजन पटिया में फजल टावर से एक छोटा सा कार्टिंग (ट्रांसपोर्ट) का बिजनेस। उस समय उनके पास एक ट्रक भी नहीं था, सिर्फ सपने और हिम्मत थी।

बिजनेस की शुरुआत और विस्तार

शुरुआती दिनों में KP Group ने ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, फैब्रिकेशन और गैल्वेनाइजिंग का काम किया। फारूक की मेहनत और सही फैसलों ने धीरे-धीरे बिजनेस को बढ़ाया। 2000 के दशक में टेलीकॉम सेक्टर के बूम के साथ उन्होंने टेलीकॉम टावर बनाने और इंस्टॉलेशन में एंट्री की। ये कदम गेम-चेंजर साबित हुआ। KP Group तेजी से गुजरात की बड़ी कंपनियों में शुमार हो गई।

लेकिन फारूक की नजर हमेशा आगे थी। उन्होंने महसूस किया कि फॉसिल फ्यूल का दौर खत्म हो रहा है और रिन्यूएबल एनर्जी भविष्य है। 2010 के आसपास KP Group ने सोलर और विंड एनर्जी में बड़ा निवेश शुरू किया। आज KP Group गुजरात की सबसे बड़ी प्राइवेट रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक है। उनके पास गुजरात का सबसे बड़ा प्राइवेट सोलर पार्क है – जैसे खावड़ा, सूदी, भेरसम और भालोद में बड़े प्रोजेक्ट्स। कुल ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो 2 गीगावॉट से ज्यादा का है, और वो 10 गीगावॉट तक पहुंचने का लक्ष्य रखते हैं।

हाल ही में (2025-26 में) KP Group ने गुजरात सरकार के साथ 4000 करोड़ रुपये का MoU साइन किया है – 855 MW के रिन्यूएबल प्रोजेक्ट्स के लिए, जिसमें 200 MW सोलर, 405 MW सोलर और विंड-सोलर हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन और EV चार्जिंग स्टेशन में भी एंट्री की योजना है।

स्टॉक मार्केट और आर्थिक सफलता

KP Group की दो बड़ी कंपनियां स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं – KP Energy (NSE और BSE पर) और KPI Green Energy। KPI Green Energy का IPO भारत के सबसे सफल SME IPO में से एक रहा। हाल के सालों में शेयर की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है। 2025 की Hurun India Rich List में डॉ. फारूक पटेल सूरत के सबसे अमीर व्यक्ति हैं – नेट वर्थ करीब 11,930 करोड़ रुपये। गुजरात के टॉप मुस्लिम बिजनेसमैन में भी वो नंबर-1 पर हैं। पहले की लिस्ट्स में भी उनका नाम था – 2023 में 3500 करोड़, 2024 में 9700 करोड़ – यानी तेज ग्रोथ।

पुरस्कार, सामाजिक कार्य और व्यक्तित्व

डॉ. फारूक को honorary doctorate भी मिला है। उन्हें कई अवॉर्ड्स मिले – जैसे विशेष व्यक्तित्व अवॉर्ड, रोटरी अवॉर्ड आदि। वो KP Human Development Foundation के जरिए सामाजिक कार्य करते हैं – शिक्षा, स्वास्थ्य और कम्युनिटी डेवलपमेंट में योगदान। इंटरव्यूज में वो हमेशा कहते हैं कि सफलता का राज है – consistency, integrity और purpose।

फारूक पटेल की कहानी बताती है कि हालात कितने भी खराब हों, अगर इरादे मजबूत हों तो कुछ भी मुमकिन है। एक बस कंडक्टर का बेटा आज हजारों लोगों को रोजगार दे रहा है, देश को क्लीन एनर्जी दे रहा है और आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल कायम कर रहा है। ये सफर अभी रुका नहीं – ग्रीन हाइड्रोजन, बड़े हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स और ग्लोबल एक्सपैंशन के साथ KP Group और ऊंचाइयों को छुएगा।

ऐसी प्रेरणादायक कहानियां हमें याद दिलाती हैं कि सपने देखना और उन्हें पूरा करने की हिम्मत रखना ही असली सफलता है।

By Mohammad Ismail.

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