पंडित राजेंद्र महेंद्र पांडे जी अपने समाज और मानवीय अनुभव की जीवित पहचान हैं. – डॉ. विवेकानंद मिश्र

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ब्राह्मण समाज की चेतना और मानवीय मूल्यों पर डॉ. विवेकानंद मिश्र का सशक्त संदेश

गया (बिहार) : गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल अंतर्गत रानीगंज, इमामगंज स्थित तारापीठ मंदिर के पीठाधीश पंडित अजय मिश्रा (बबलू जी) की बहन ज्योति मिश्रा के विवाह समारोह में कई सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस मौके पर भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा एवं कौटिल्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विवेकानंद मिश्र भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

विवाह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे महासभा एवं कौटिल्य मंच के जिला सचिव ज्ञानेश पांडे जी के घर पहुंचे, जहाँ उन्होंने उनके पिताजी एवं चाचाजी से मुलाकात की। दोनों महासभा के वरिष्ठ सदस्य हैं। डॉ. मिश्र ने उनसे आशीर्वाद लिया और काफी देर तक समाज से जुड़े विषयों पर बातचीत की।

इस दौरान उन्होंने कहा—

“पंडित राजेंद्र महेंद्र पांडे जी अपने समाज और मानवीय अनुभव की जीवित संरचना हैं।”

चर्चा के दौरान विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक मुद्दों पर बातचीत हुई। खासकर देशभर में चल रही ब्राह्मण विरोधी सोच और अभियानों पर उन्होंने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज में राजनीतिक चेतना की कमी एक बड़ा कारण है, जिस वजह से समाज संगठित होकर अपनी बात मजबूती से नहीं रख पा रहा है।

डॉ. मिश्र ने आगे कहा कि आज की आधुनिक जीवनशैली केवल ब्राह्मण समाज को ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों को भी कमजोर कर रही है। इसके पीछे ऐसी शिक्षा प्रणाली भी जिम्मेदार है, जो पाश्चात्य सभ्यता से अधिक प्रभावित है। उन्होंने बताया कि हमारी प्राचीन संस्कृति हमें सौहार्द, ईमानदारी, निष्ठा, मानव सेवा, राष्ट्रभक्ति और विनम्रता का पाठ पढ़ाती थी, लेकिन धीरे-धीरे ये भाव जीवन से दूर होते जा रहे हैं।

इस अवसर पर मंच के प्रदेश सचिव पवन मिश्रा, महासचिव रंजीत पाठक, स्वामी सुमन गिरी, जिला सचिव ज्ञानेश पांडे, चाचा महेंद्र मिश्रा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और सभी ने डॉ. विवेकानंद मिश्र के विचारों की सराहना की।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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