गया जी, जो अपनी प्राचीन पहचान और अंतरराष्ट्रीय ख्याति के लिए दुनिया भर में जाना जाता है, वहां का इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर चर्चा में है। ये एयरपोर्ट सालों से अपने विस्तार (विस्तारीकरण) का इंतज़ार कर रहा था, लेकिन अब खबर आ रही है कि विस्तार से पहले इसे निजीकरण की तरफ ले जाया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अगले हफ्ते अडानी ग्रुप के अधिकारी एयरपोर्ट का मुआयना करने आने वाले हैं। इसको लेकर सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी और शिव कुमार चौरसिया समेत कई नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि केंद्र की मोदी सरकार अपने 12 साल के कार्यकाल में देश के कई बड़े हवाई अड्डों को निजी कंपनियों के हाथों सौंप चुकी है।
नेताओं का कहना है कि करीब 1000 एकड़ में फैला गया जी का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा वर्षों से विस्तार की राह देख रहा है। इसके लिए लगभग 100 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी चल रही थी और इसे देश के बेहतरीन एयरपोर्ट्स में शामिल करने की बातें की जा रही थीं। लेकिन अब जब इसे अडानी ग्रुप को सौंपने की चर्चा सामने आई है, तो गया जी समेत पूरे मगध क्षेत्र के लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है।
कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा है कि एयरपोर्ट के निजीकरण का पार्टी पुरज़ोर विरोध करेगी। इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाने का भी फैसला लिया गया है। उनका कहना है कि पहले विस्तार और विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, न कि इसे निजी हाथों में दिया जाए।
फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल गरम है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाज़ी और आंदोलन देखने को मिल सकता है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
