ICICC 2026: ग्लोबल रिसर्च और जिम्मेदार इनोवेशन का शानदार संगम

Share this News

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इनोवेटिव कंप्यूटिंग एंड कम्युनिकेशन 2026 सफलतापूर्वक संपन्न

इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इनोवेटिव कंप्यूटिंग एंड कम्युनिकेशन (ICICC 2026) का 9वां संस्करण 7 फरवरी 2026 को कामयाबी के साथ पूरा हुआ। यह प्रतिष्ठित कॉन्फ्रेंस दुनिया भर के रिसर्चर्स और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को एक साझा प्लेटफॉर्म पर लेकर आई।

दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज (SSCBS) में, एनआईटी पटना और यूनिवर्सिटी ऑफ वल्लाडोलिड, स्पेन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने जिम्मेदार और असरदार डिजिटल रिसर्च को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई।

यूनिवर्सल इनोवेटर के डॉ. आशीष खन्ना ने प्रो. पूनम वर्मा के कुशल मार्गदर्शन में, प्रो. कुमार बिजॉय और उनकी टीम के साथ मिलकर इस कॉन्फ्रेंस को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

रिकॉर्ड सबमिशन और हाई अकादमिक स्टैंडर्ड

6 और 7 फरवरी 2026 को आयोजित ICICC 2026 को 2,500 से अधिक रिसर्च पेपर प्राप्त हुए। इनमें से केवल 16% पेपर्स का चयन किया गया, जो कॉन्फ्रेंस के सख्त और उच्च शैक्षणिक मानकों को दर्शाता है।

चयनित श्रेष्ठ रिसर्च कार्यों को स्प्रिंगर द्वारा प्रकाशित किया जाएगा।

इस कॉन्फ्रेंस में 1000 से अधिक रिसर्चर्स ने हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन और ऑनलाइन) में भाग लिया। अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम और आईआईटी दिल्ली के वैज्ञानिकों ने अपने कीनोट सेशंस के माध्यम से वैश्विक रिसर्च ट्रेंड्स पर रोशनी डाली।

उद्घाटन समारोह: ज्ञान, सहयोग और विज़न

6 फरवरी को कॉन्फ्रेंस की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जो ज्ञान और सहयोग का प्रतीक है।

मुख्य अतिथि प्रो. मुकुल शरद सुताओने, डायरेक्टर, आईआईआईटी इलाहाबाद ने अपने उद्घाटन भाषण में आपस में जुड़े डिजिटल सिस्टम्स के बढ़ते महत्व और समावेशी तथा टिकाऊ डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में रिसर्चर्स की जिम्मेदारी पर जोर दिया।

इस अवसर पर SSCBS की प्रिंसिपल और ICICC 2026 की पैट्रन प्रो. पूनम वर्मा तथा गवर्निंग बॉडी की चेयरपर्सन प्रो. गुंजन गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया।

जनरल चेयर प्रो. प्रभात कुमार (एनआईटी पटना) ने कम्प्यूटेशनल इंटेलिजेंस और इंटरडिसिप्लिनरी सहयोग में उभरते रुझानों पर अपने विचार साझा किए।

पहला दिन: कीनोट स्पीकर्स के प्रेरक विचार

कॉन्फ्रेंस के पहले दिन कई प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

आईआईटी दिल्ली के प्रो. बी.के. पाणिग्रही और प्रो. रंजन कुमार मलिक ने सिग्नल प्रोसेसिंग, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और मॉडर्न पावर ग्रिड्स जैसे विषयों पर गहन तकनीकी जानकारी साझा की।

सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रो. स्वेतलाना एस. बोद्रुनोवा ने नेटवर्क मीडिया के सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव पर अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण रखा।

डॉ. सामिया खान (यूनिवर्सिटी ऑफ साउथेम्प्टन, यूके – दिल्ली कैंपस) ने क्लाउड-एज कंप्यूटिंग के उभरते आर्किटेक्चर पर चर्चा की।

इन सेशंस ने प्रतिभागियों में क्रिटिकल थिंकिंग और फ्यूचर-ओरिएंटेड इनोवेशन को बढ़ावा दिया।

दूसरा दिन: इंडस्ट्री कनेक्शन और रियल-वर्ल्ड इम्पैक्ट

कॉन्फ्रेंस का दूसरा दिन एप्लाइड रिसर्च और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड इनोवेशन पर केंद्रित रहा।

डॉ. पारुल यादव (रॉबर्ट मॉरिस यूनिवर्सिटी, यूएसए) ने हेल्थ इन्फॉर्मेटिक्स में एआई-आधारित टूल्स के माध्यम से हेल्थकेयर डेटा की पहुंच को बेहतर बनाने पर अपना शोध प्रस्तुत किया।

डॉ. आदित्य पद्थे (एप्पल एवं यूनिवर्सिटी ऑफ द कंबरलैंड्स, यूएसए) ने कंप्यूटर विज़न, मैलवेयर डिटेक्शन और सिक्योरिटी सिस्टम्स पर अपनी विशेषज्ञता साझा की।

इन प्रस्तुतियों ने स्पष्ट किया कि ICICC 2026 का उद्देश्य केवल सैद्धांतिक चर्चा नहीं, बल्कि रिसर्च को समाज के लिए उपयोगी परिणामों में बदलना भी है।

UILA 2026 अवॉर्ड्स: उत्कृष्टता का सम्मान

ICICC 2026 की एक खास उपलब्धि यूनिवर्सल इंटरनेशनल लीडरशिप अवॉर्ड (UILA 2026) का वितरण रहा।

इन पुरस्कारों के माध्यम से रिसर्च, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी में निरंतर योगदान देने वाले शिक्षाविदों और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स को सम्मानित किया गया।

यह समारोह अकादमिक और औद्योगिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अकादमिक ईमानदारी पर जोर

ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. आशीष खन्ना ने अपने संदेश में अकादमिक ईमानदारी पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा:  “ICICC आज 7,000 से अधिक स्कॉलर्स की कम्युनिटी बन चुका है, जिसका एच-इंडेक्स 35 है। एआई के इस परिवर्तनशील दौर में हमारी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। हमें ‘टॉर्चर्ड फ्रेज़’, अनावश्यक डेटा और गलत साइटेशन को हटाकर रिसर्च की पवित्रता बनाए रखनी चाहिए।”

उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी प्रोफेसर्स, डॉक्टर्स और टीम सदस्यों का आभार व्यक्त किया, जिनके निरंतर प्रयासों से ICICC इनोवेशन का मजबूत मंच बन पाया।

समापन: ग्लोबल अकादमिक सहयोग की मिसाल

दो दिनों तक चली इस कॉन्फ्रेंस ने न केवल उच्च स्तरीय अकादमिक चर्चा प्रस्तुत की, बल्कि एक साझा उद्देश्य और वैश्विक सहयोग की भावना को भी मजबूत किया।

उद्घाटन सत्र से लेकर इंडस्ट्री-ओरिएंटेड चर्चाओं तक, ICICC 2026 जिम्मेदार इनोवेशन और ग्लोबल अकादमिक साझेदारी की ताकत का प्रमाण बनकर उभरा।

प्रो. पूनम वर्मा के मार्गदर्शन में डॉ. आशीष खन्ना और प्रो. कुमार बिजॉय ने इस सम्मेलन को यादगार सफलता में बदल दिया।

Share this News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *