इस्लामी वित्त में नया उछाल: TAJBank का सुकूक 100% अधिसदस्यित, कतर ने जारी किया 500 मिलियन रियाल का सुकूक

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15 दिसंबर 2025 को इस्लामी वित्त (Islamic Finance) क्षेत्र से जुड़ी कई सकारात्मक और उत्साहजनक खबरें सामने आईं। इन खबरों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद इस्लामी वित्त लगातार मजबूत हो रहा है और नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

नाइजीरिया के TAJBank द्वारा जारी किया गया सुकूक (इस्लामी बॉन्ड) पूरी तरह 100 प्रतिशत अधिसदस्यित हो गया। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विशेषज्ञों ने इसे “गुरुत्वाकर्षण को चुनौती देने वाला कदम” बताया है, क्योंकि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा इस्लामी वित्त पर लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में इस्लामी वित्त उद्योग का आकार 4.5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है, जो इसकी मजबूत नींव और वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

इसी क्रम में कतर इंटरनेशनल इस्लामी बैंक (QIIB) ने भी 500 मिलियन कतर रियाल (लगभग 137 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का सीनियर अनसिक्योर्ड सुकूक जारी किया है। यह सुकूक 5 वर्षों की अवधि का है और इसे निवेशकों से अच्छा समर्थन मिला है। कतर का यह कदम खाड़ी देशों में इस्लामी वित्त की बढ़ती भूमिका को और मजबूत करता है।

इस्लामी वित्त की इस तेज़ वृद्धि के पीछे डिजिटल इनोवेशन की बड़ी भूमिका है। ग्लोबल फाइनेंस मैगजीन ने वर्ष 2025 के लिए बेस्ट डिजिटल बैंकों की सूची जारी की, जिसमें इस्लामी बैंकिंग क्षेत्र के कई क्षेत्रीय विजेता शामिल रहे। इन बैंकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और शरिया-अनुरूप तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है, जिससे ग्राहकों को सुरक्षित, पारदर्शी और नैतिक बैंकिंग सेवाएं मिल रही हैं।

पाकिस्तान की BankIslami ने हाल ही में ‘Aik’ नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जो पूरी तरह से डिजिटल और शरिया आधारित बैंकिंग सेवाएं प्रदान करता है। यह प्लेटफॉर्म युवाओं और तकनीक से जुड़े ग्राहकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

मध्य पूर्व के इस्लामी बैंकों के लिए भी भविष्य काफी सकारात्मक नजर आ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026 तक क्रेडिट ग्रोथ मजबूत बनी रहेगी। वहीं, वर्ष 2024 में वैश्विक सुकूक जारीकरण 205 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो इस सेक्टर की बढ़ती मांग को दर्शाता है।

इसके अलावा, ruya बैंक ने भी अपने डिजिटल मॉडल का विस्तार किया है। कुल मिलाकर, इस्लामी वित्त आज मुस्लिम अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख इंजन बन चुका है, जो नैतिक निवेश, जोखिम साझेदारी और सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर देता है।

by ITN Desk.

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