FIEM फाउंडेशन में जे.के. जैन की जीवनी का लोकार्पण, आत्मनिर्भर भारत की भावना को मिला नया स्वर

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एक भव्य और प्रेरणादायक समारोह में उद्योग, संस्कृति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रमुख लोगों की मौजूदगी में एक असाधारण जीवन यात्रा का उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर FIEM फाउंडेशन के प्रबंध न्यासी श्री जे.के. जैन के जीवन और योगदान पर आधारित पुस्तक “जे.के. जैन का अटल सफर: जहां प्रकाश चमकता है — भाग्य पीछे-पीछे चलता है” का औपचारिक लोकार्पण किया गया।

इस समारोह में भारत सरकार के संस्कृति मंत्री माननीय श्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। मंच से आत्मनिर्भर भारत की सोच, औद्योगिक विकास और देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मूल्यों—साहस, दृढ़ता, त्याग और नवाचार—पर विस्तार से चर्चा हुई।

राष्ट्रीय धरोहर को समर्पित भावपूर्ण क्षण

कार्यक्रम की शुरुआत भारत की सांस्कृतिक चेतना को समर्पित श्रद्धांजलि के साथ हुई। इसके बाद “वंदे मातरम” का सामूहिक और भावनात्मक गायन हुआ, जो अपनी 150 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है। इस दौरान गीत की आज भी बनी हुई प्रासंगिकता और पीढ़ियों तक देशभक्ति की भावना जगाने वाली उसकी शक्ति पर सार्थक संवाद किया गया।

संघर्ष, पुनर्निर्माण और अटल संकल्प की कहानी

शाम का मुख्य आकर्षण श्री जे.के. जैन की जीवनी पुस्तक का लोकार्पण रहा। यह पुस्तक एक ऐसे सफर की कहानी कहती है, जिसमें संघर्ष, धैर्य, साहस और बार-बार उठ खड़े होने की ताकत साफ झलकती है।

साधारण शुरुआत से लेकर भारत के ऑटो-लाइटिंग उद्योग में एक मजबूत पहचान बनाने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि दूरदृष्टि और लगातार प्रयास किसी भी चुनौती को सफलता की सीढ़ी बना सकते हैं। यह जीवनी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों की कथा है, बल्कि यह उस सोच को भी दर्शाती है जिसने कठिन समय के बाद और भी ऊंचाइयों को छूने का रास्ता बनाया।

आत्मनिर्भर भारत की भावना को मिला सम्मान

लोकार्पण के दौरान मौजूद अतिथियों ने कहा कि श्री जे.के. जैन जैसी जीवन यात्राएं नए भारत की असली पहचान हैं। यह वही भारत है, जो नवाचार, उद्योग और आत्मविश्वास के मजबूत आधार पर आगे बढ़ रहा है। ऐसे व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि ऐसी प्रेरक कहानियों को न केवल सम्मान दिया जाए, बल्कि उन्हें समाज और उद्योग जगत तक पहुंचाया जाए, ताकि आत्मनिर्भर और प्रगतिशील भारत के निर्माण में सभी की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

FIEM फाउंडेशन के बारे में

FIEM फाउंडेशन सामाजिक सशक्तिकरण, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह फाउंडेशन समुदायों और उद्योगों को सशक्त बनाने वाली विभिन्न पहलों के माध्यम से देश के विकास में योगदान दे रहा है।

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