नए साल की शुरुआत, बड़े लक्ष्य और नई ऊर्जा के साथ
औरंगाबाद, बिहार : नए साल 2026 की शुरुआत भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) शाखा कार्यालय औरंगाबाद, बिहार में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल के साथ हुई। गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को LIC के मुख्य शाखा प्रबंधक दिनेश चंद्र जोशी ने सहायक अधिकारियों के साथ मिलकर डायरेक्ट अभिकर्ताओं के लिए एक खास मीटिंग का आयोजन किया। यह बैठक शहर के एक निजी होटल में रखी गई, जिसमें बड़ी संख्या में अभिकर्ता मौजूद रहे।
यह मीटिंग साल 2026 की पहली आधिकारिक बैठक थी, जिसमें मुख्य उद्देश्य था अभिकर्ताओं को मोटिवेट करना, उनके अनुभव सुनना और उन्हें नई पॉलिसियों की पूरी जानकारी देना।

बड़ा लक्ष्य सोचो, तभी बड़ी कामयाबी मिलेगी
मीटिंग को संबोधित करते हुए मुख्य शाखा प्रबंधक दिनेश चंद्र जोशी ने अपने लंबे अनुभव को साझा किया। उन्होंने सरल शब्दों में समझाया कि जीवन में और काम में हमेशा बड़ा लक्ष्य लेकर चलना चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति दो लाख रुपये का टारगेट लेकर काम शुरू करता है, तो भले ही पूरा टारगेट पूरा न हो, लेकिन कम से कम एक या डेढ़ लाख तक तो पहुंच ही जाएगा। लेकिन अगर शुरुआत में ही छोटा लक्ष्य रखा जाए, तो नतीजा भी छोटा ही मिलेगा।
उन्होंने अभिकर्ताओं को यह भी समझाया कि बड़ा लक्ष्य सिर्फ खुद की तरक्की के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार की खुशहाली और बेहतर भविष्य के लिए भी जरूरी होता है।

नई पॉलिसियों की जानकारी और अभिकर्ताओं को पूरा सहयोग
इसके बाद सहायक अधिकारी रंजीत रंजन और शिवाशीष लाहिड़ी ने भी अभिकर्ताओं के साथ अपने विचार साझा किए। उन्होंने LIC की नई और मौजूदा पॉलिसियों के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी, ताकि अभिकर्ता अपने ग्राहकों को बिना किसी परेशानी के सही जानकारी समझा सकें।
सभी अधिकारियों ने अभिकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि अगर उन्हें कभी भी किसी तरह की समस्या आती है, तो वे बिना झिझक कार्यालय आकर बात कर सकते हैं। LIC का हर अभिकर्ता और कर्मचारी एक परिवार की तरह है, और हर किसी की मदद करना संस्था की जिम्मेदारी है।
LIC एक परिवार है, साथ मिलकर आगे बढ़ने का संकल्प
अधिकारियों ने यह भी माना कि बीमा बेचना आसान काम नहीं होता। एक-एक पॉलिसी करने के लिए अभिकर्ताओं को अपने क्षेत्र में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसी वजह से LIC हमेशा अपने अभिकर्ताओं के साथ खड़ी रहती है।
इस मीटिंग में अधिकारियों और डायरेक्ट अभिकर्ताओं को मिलाकर करीब 30 लोग मौजूद थे। लगभग ढाई घंटे तक चली इस बैठक के बाद सभी ने साथ बैठकर भोजन भी किया, जिससे माहौल और भी अपनापन भरा हो गया।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
