शुक्रवार, दिनांक 02 जनवरी 2026 को रफीगंज विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मदनपुर प्रखंड के दर्जनों पीड़ित किसान जिला मुख्यालय स्थित अपने विधायक के आवास पर पहुंचे। इन किसानों की शिकायत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा की गई भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर है।
किसानों का कहना है कि उनकी जमीन एनएचएआई द्वारा बनाए जा रहे बाईपास के लिए अधिग्रहित की गई है, लेकिन इसके बदले उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित किसानों के अनुसार, उनकी जमीन पूरी तरह से कमर्शियल श्रेणी में आती है, लेकिन एनएचएआई द्वारा मुआवजा कृषि भूमि के रेट के आधार पर दिया जा रहा है, जो कि पूरी तरह गलत है।
किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे बाईपास निर्माण के विरोध में नहीं हैं। वे चाहते हैं कि विकास कार्य हो, लेकिन इसके साथ-साथ उन्हें भी सरकारी नियमों के अनुसार न्यायसंगत मुआवजा मिले। किसानों की मांग है कि कम से कम उन्हें आवासीय दर के हिसाब से भी मुआवजा राशि का भुगतान किया जाना चाहिए।
पीड़ित किसानों ने यह भी बताया कि इस समस्या को लेकर वे पहले भी धरना और प्रदर्शन कर चुके हैं। उस समय विभागीय अधिकारियों द्वारा उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी समस्या का समाधान सरकारी नियमों के अनुसार किया जाएगा। लेकिन अफसोस की बात यह है कि अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। इसी कारण मदनपुर प्रखंड के किसान आज भी परेशान और चिंतित हैं और अलग-अलग स्तरों पर न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
इस मामले को लेकर जब संवाददाता की टीम ने रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के पहली बार निर्वाचित एनडीए समर्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक एवं समाजसेवी प्रमोद कुमार सिंह से सवाल किया, तो उन्होंने किसानों की मांग को पूरी तरह जायज बताया। विधायक ने कहा कि बिहार और केंद्र दोनों जगह एनडीए की सरकार है, जो किसानों के हितों के प्रति संवेदनशील और जागरूक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे पीड़ित किसानों की समस्या को सरकार तक पहुंचाएंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि किसानों को सरकारी नियमों के अनुसार उचित मुआवजा मिले। किसानों को भी उम्मीद है कि जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से उनकी समस्या का जल्द समाधान होगा।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय के साथ अनिल कुमार विश्वकर्मा.
