पटना, बिहार से एक खुशखबरी सामने आई है। मोतिहारी के रहने वाले और देश के मशहूर अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को इस साल एक बड़ा राष्ट्रीय सम्मान मिलने जा रहा है।
आने वाली 22 फरवरी 2026 को, विश्व मातृभाषा दिवस के मौके पर भागलपुर (अंग प्रदेश, बिहार) में होने वाले “अंग अंगिका साहित्य महोत्सव” में उन्हें प्रतिष्ठित ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’ से नवाज़ा जाएगा।
इस बारे में जनसत्ता के वरिष्ठ पत्रकार जनसत्ता से जुड़े प्रसून लतांत ने व्हाट्सएप के जरिए आमंत्रण पत्र भेजकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह साहित्यिक और सांस्कृतिक महोत्सव युग चेतना, अंग जन गण, अंग मदद और अंगिका सभा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में अंगिका भाषा, साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में खास योगदान देने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया जाएगा। इसी कड़ी में भारतीय समकालीन कला में अपने अनोखे और बेहतरीन योगदान के लिए सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार का नाम चुना गया है।
मधुरेंद्र कुमार अपनी रेत कला के जरिए सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर भी भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकार और इंसानी मूल्यों का मजबूत संदेश देते रहे हैं। उनकी बनाई गई रेत की कलाकृतियों ने देश और खासकर बिहार का नाम दुनिया भर में रोशन किया है।
अंगिका साहित्य महोत्सव में उन्हें ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित किया जाना पूरे अंग प्रदेश और बिहार के लिए फख्र की बात मानी जा रही है। इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से साहित्यकार, कलाकार, भाषा प्रेमी और समाजसेवी बड़ी तादाद में शामिल होंगे।
विश्व मातृभाषा दिवस के मौके पर हो रहा यह आयोजन अंगिका भाषा को बढ़ावा देने और क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट: विश्वनाथ आनंद.
