मनरेगा बचाओ संग्राम: गया में कांग्रेस का सामूहिक उपवास, केंद्र सरकार से बदलाव वापस लेने की मांग

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गया (बिहार): मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन के तहत कांग्रेस पार्टी की ओर से रविवार, 11 जनवरी 2026 को गया शहर में सामूहिक उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह उपवास कार्यक्रम पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार गया समाहरणालय के सामने स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार से मनरेगा में किए जा रहे बदलावों को अविलंब वापस लेने की मांग दोहराई।

इस आंदोलन का आयोजन अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के दिशा-निर्देश पर किया गया था। कार्यक्रम में कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों से जुड़े नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। इनमें कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, कांग्रेस किसान प्रकोष्ठ, इंटक, अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ, शिक्षक प्रकोष्ठ, अधिवक्ता प्रकोष्ठ सहित कई संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मनरेगा को कमजोर करने के प्रयासों का विरोध किया।
उपवास कार्यक्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, पूर्व गया जिला कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. गगन कुमार मिश्रा, डॉ. देविका सैयार मिश्रा, किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष युगल किशोर सिंह, कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विद्या शर्मा सहित कई वरिष्ठ और सक्रिय नेता शामिल हुए। इनके अलावा बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, धर्मेंद्र कुमार निराला, दामोदर गोस्वामी, शिव कुमार चौरसिया, सुनील कुमार पासवान, प्रदीप शर्मा, रामजी प्रसाद, ओंकार शक्ति, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, रंजीत कश्यप, अर्जुन प्रसाद, टिंकू गिरी, ब्रजेश राय, सैफुद्दीन इस्लाम, भोला मियां समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है, तब से वह इतिहास बनाने के बजाय इतिहास को मिटाने में लगी हुई है। उनका कहना था कि पहले जनता के अधिकारों में कटौती की गई और अब मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण रोजगार गारंटी कानून को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक फायदे के लिए महात्मा गांधी के नाम और विचारों के साथ छेड़छाड़ कर रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण भारत की जीवनरेखा है। यह सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि काम के अधिकार की गारंटी है। यदि इसमें किसी भी तरह का बदलाव किया गया तो इसका सीधा असर गांवों में रहने वाले करोड़ों गरीब परिवारों पर पड़ेगा। इसी वजह से कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा बचाओ संग्राम को राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप दिया है।

नेताओं ने बताया कि यह आंदोलन 45 दिनों तक संसद से लेकर सड़क तक चलेगा और तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार मनरेगा में किए गए बदलावों को पूरी तरह वापस नहीं ले लेती।

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संदेश को गया जिले के सभी 24 प्रखंडों और 332 ग्राम पंचायतों तक गांव-गांव, घर-घर पहुंचाया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने कहा कि आज पूरे देश में गरीबों और मजदूरों के बीच यह नारा गूंज रहा है कि राष्ट्रपिता का अपमान हिंदुस्तान बर्दाश्त नहीं करेगा। काम के अधिकार की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा और कांग्रेस पार्टी हर मंच पर गरीबों की आवाज बुलंद करती रहेगी।

रिपोर्ट: विश्वनाथ आनंद.

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