संस्कृत और सनातन को संजीवनी प्रदान करेगा विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति : डॉक्टर विवेकानंद मिश्र
गया जी: (बिहार) संस्कृत वेद की भाषा है! जो ज्ञान- विज्ञान का जनक है। संस्कृत भाषा का महत्व और महत्ता इसी से प्रकट होती है, कि इसे सुरगिरा अथवा देवभाषा कहते हैं! जो इसकी मृदुलता, समृद्धि और सुग्राह्यता को आभासित करता है। यह सर्वविदित तत्थ है, कि संस्कृत भाषा सभी आर्य भाषाओं की जननी है।…
