रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में जनसुनवाई का बढ़ता भरोसा
औरंगाबाद, बिहार : औरंगाबाद (बिहार) जिले के रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या 224 में इन दिनों एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। जब से एनडीए गठबंधन समर्थित जदयू विधायक प्रमोद कुमार सिंह निर्वाचित हुए हैं, तब से क्षेत्र की जनता उन्हें अपनी समस्याओं का सहारा मानने लगी है। जिला मुख्यालय औरंगाबाद स्थित उनके आवास पर रोज़ लोग न्याय की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं।
सोमवार, 12 जनवरी 2026 को भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब कई पीड़ित अपनी-अपनी फरियाद लेकर विधायक के पास पहुंचे।
बुजुर्ग महिला की दर्द भरी कहानी
“बबुआ, बस हमरा के न्याय दिला द…”
रफीगंज प्रखंड के संथूआ गांव से आई एक वृद्ध महिला सावित्री देवी ने विधायक के सामने अपनी पीड़ा रखी। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहू उनके साथ बेहद बुरा व्यवहार करती है।
सावित्री देवी के अनुसार, उनके पति सिंचाई विभाग में काम कर चुके हैं और सेवानिवृत्त हैं। उनकी पेंशन की पूरी रकम बड़ी बहू अपने कब्जे में रखती है। इतना ही नहीं, वह उन्हें खाना तक नहीं देती और विरोध करने पर मारपीट भी करती है।
वृद्ध महिला ने यह भी बताया कि उनकी छोटी बहू विधवा है और उसके बच्चों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। ऐसे में वे पूरी तरह असहाय महसूस कर रही हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, “बबुआ, हम तो बस तोहरे भरोसे आयल ही, तू ही हमरा के न्याय दिला सकेला।”
विधायक ने दिया भरोसा और मानवीय सहयोग
विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने पूरे धैर्य से महिला की बात सुनी। जब पता चला कि उनके पास परिवार के किसी सदस्य का मोबाइल नंबर भी नहीं है और वे इधर-उधर रहकर जीवन गुज़ार रही हैं, तो विधायक ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे खुद रफीगंज जाकर परिवार से बात करेंगे।
मानवीय संवेदना दिखाते हुए विधायक ने अपनी जेब से 500 रुपये महिला को दिए ताकि वह खाना खा सके और आने-जाने का खर्च निकाल सके। हालांकि महिला पहले पैसा लेने से मना करती रही, लेकिन विधायक के समझाने पर उन्होंने वह राशि रख ली।

नाला निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत
विधायक ने JE को लगाई फटकार
इसके बाद नगर पंचायत रफीगंज के वार्ड नंबर 14 से नाला निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत सामने आई। लोगों ने बताया कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे नाले में न तो कोई सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही काम की गुणवत्ता सही है।
विधायक ने तुरंत संबंधित विभाग के जेई (जूनियर इंजीनियर) को फोन कर सवाल किया। JE ने बताया कि नाला निर्माण की लागत एक करोड़ रुपये है और ठेकेदार गया जिले का है।
इस पर विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि
• बिना बोर्ड के काम करना गलत है
• घटिया सामग्री का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
• जरूरत पड़ी तो मामला मंत्री या मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है, इसलिए जनता के पैसे से घटिया काम नहीं होना चाहिए।
जमीन ठगी का मामला भी पहुंचा विधायक तक
मदनपुर थाना क्षेत्र से आए एक युवक ने बताया कि उससे पेट्रोल पंप खोलने के नाम पर 15 लाख 50 हजार रुपये लिए गए और बाद में उसी पर झूठा केस कर दिया गया।
विधायक ने उसे सलाह दी कि वह तुरंत स्थानीय थाना प्रभारी से मिलकर लिखित शिकायत दे। साथ ही विधायक ने खुद थाना प्रभारी से फोन पर बात कर युवक को सहयोग का भरोसा दिलाया।
जनता के बीच बढ़ता भरोसा
इस तरह सोमवार को विधायक प्रमोद कुमार सिंह के पास कई मामले पहुंचे। उन्होंने हर व्यक्ति की समस्या ध्यान से सुनी और न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में यह साफ दिखाई दे रहा है कि जब जनप्रतिनिधि संवेदनशील और सक्रिय हो, तो जनता का भरोसा अपने आप बढ़ता है। विधायक की यही कार्यशैली लोगों को उनके पास खींच कर ला रही है।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय / अनिल कुमार विश्वकर्मा
