रामेश्वर प्लस टू उच्च विद्यालय बेलागंज में श्रद्धा और संकल्प के साथ मनाया गया शहीद दिवस

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बेलागंज में शहीद दिवस का आयोजन

गया ज़िला के बेलागंज स्थित रामेश्वर प्लस टू उच्च विद्यालय के प्रांगण में शहीद दिवस बड़े ही सम्मान और सादगी के साथ मनाया गया। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। सभी ने मिलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद किया और उनके बलिदान को नमन किया।

महात्मा गांधी के जीवन पर प्रकाश

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मोहम्मद अबरार आलम ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि गांधी जी अहिंसा के सच्चे पुजारी थे। सादा जीवन और उच्च विचार उनके जीवन का आधार था। केवल एक धोती में रहकर उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और देश को आज़ादी दिलाई।

प्रधानाध्यापक ने बताया कि आज़ादी के बाद भी गांधी जी को किसी पद या सत्ता की कोई लालसा नहीं थी। वे हमेशा सत्य, प्रेम और भाईचारे के मार्ग पर चले और दूसरों को भी यही रास्ता दिखाया।

30 जनवरी: बलिदान का दिन

उन्होंने आगे कहा कि 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यही कारण है कि इस दिन को हम शहीद दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन हमें याद दिलाता है कि देश की आज़ादी और एकता के लिए कितने महान लोगों ने अपने प्राण न्योछावर किए।

विद्यार्थियों को दिया गया संदेश

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ।
संदेश दिया गया कि:

प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के रास्ते पर चलें

बुराइयों से दूर रहें

अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझें और निभाएँ

देश को एक बेहतर और मजबूत राष्ट्र बनाने में योगदान दें

शिक्षकों की भागीदारी

इस कार्यक्रम में शिक्षक दिलीप कुमार, चंद्रमणि प्रसाद, राजेश कुमार, राजू, रिंकू कुमारी और राम रवि प्रकाश मालवीय ने भी अपने विचार रखे।
इसके अलावा अनीश कुमार, प्रदीप कुमार मौर्य, चंदन कुमार, कन्हाई दास, तरुण कुमार, मानस कुमार, निशा कुमारी, अंतरीना कुमारी सहित अन्य शिक्षक भी उपस्थित रहे।

दो मिनट का मौन और श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर महात्मा गांधी और सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण शांति, सम्मान और भावनाओं से भरा हुआ था।

रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.

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