अब सड़क हादसों में इलाज की कमी नहीं बनेगी मौत की वजह, देश को समर्पित हुआ चलती-फिरती ICU का नेटवर्क
भारत में हर साल लाखों परिवार सड़क हादसों और अचानक आई मेडिकल इमरजेंसी में अपने अपनों को खो देते हैं। सबसे दर्दनाक सच यह है कि इन मौतों में से बड़ी संख्या सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि समय पर इलाज नहीं मिल पाता। एम्बुलेंस अक्सर सिर्फ मरीज को ढोने का साधन बनकर रह जाती है, इलाज की सुविधा रास्ते में उपलब्ध नहीं होती। इसी कड़वी हकीकत को बदलने के इरादे से सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर – माउंटेन मेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया ने एक बड़ा कदम उठाया है।
संस्था ने एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट (ACLS) ‘जीवन रक्षक’ एम्बुलेंस नेटवर्क देश को समर्पित किया है। इसका मकसद है कि दुर्घटना के बाद के सबसे अहम 60 मिनट — यानी ‘गोल्डन आवर’ — के अंदर मरीज को मौके पर ही उन्नत इलाज मिल सके।

चौंकाने वाले आंकड़े जो सोचने पर मजबूर करते हैं
भारत में हर साल करीब 1.5 से 1.7 लाख लोग सड़क हादसों में जान गंवाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि देश की सड़कों पर हर घंटे लगभग 18 मौतें होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इनमें से 50% से ज्यादा मौतों को रोका जा सकता है अगर घायल व्यक्ति को पहले एक घंटे के अंदर एडवांस मेडिकल सहायता मिल जाए।
डॉ. राघवपत सिंघानिया के अनुसार, “गोल्डन आवर के भीतर सही इलाज मिल जाए तो आधी से ज्यादा जानें बच सकती हैं। हमारी कोशिश उसी समय को सुरक्षित बनाना है।”
सिर्फ एम्बुलेंस नहीं, ‘ICU ऑन व्हील्स’
सिक्स सिग्मा की नई ACLS एम्बुलेंस को चलती-फिरती ICU के तौर पर तैयार किया गया है। इसमें ICU ग्रेड मॉनिटरिंग सिस्टम, वेंटिलेटर और एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट उपकरण मौजूद हैं। इसका मतलब है कि मरीज को अस्पताल पहुँचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा — इलाज रास्ते में ही शुरू हो जाएगा।
सिक्स सिग्मा के CEO डॉ. प्रदीप भारद्वाज ने भावुक होकर कहा, “यह सिर्फ एक सेवा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है। सड़क पर गिरने वाली हर सांस अब हमारी जिम्मेदारी है। हमारा सपना है कि कोई भी परिवार सिर्फ इसलिए अपना सदस्य न खोए क्योंकि एम्बुलेंस में इलाज की सुविधा नहीं थी।”

प्रशिक्षित डॉक्टरों की टीम और 24×7 कंट्रोल सिस्टम
हर एम्बुलेंस में अनुभवी डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहेगा। इन सेवाओं का संचालन सेना और अर्धसैनिक बलों से प्रशिक्षित मेडिकल टीम कर रही है। साथ ही 24×7 इमरजेंसी कॉल सेंटर बनाया गया है, ताकि सूचना मिलते ही तुरंत मदद रवाना हो सके।
फ्लैग-ऑफ समारोह गुरुग्राम में आयोजित किया गया, जहां से एम्बुलेंस के इस बेड़े को देश की सेवा के लिए रवाना किया गया। इस दौरान JMD श्री माधवकृष्ण सिंघानिया ने कहा,
“दिल का दौरा हो या सड़क हादसा — शुरुआती 10-15 मिनट जिंदगी और मौत के बीच की रेखा होते हैं। हमारी सेवा मौके पर इलाज शुरू कर मृत्यु दर कम करने की दिशा में काम करेगी। सेवा ही हमारा धर्म है।”
जन-स्वास्थ्य को मजबूत करने की बड़ी पहल
सिक्स सिग्मा जेकेसी ने इस परियोजना को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बताया है। संस्था का मानना है कि एक विकसित राष्ट्र वही होता है जहाँ नागरिकों का जीवन सुरक्षित हो। इस पहल को जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
कार्यक्रम में कैप्टेन आर.के. शर्मा, डॉ. अनीता भारद्वाज, डॉ. कुलराज कपूर, डॉ. समीर भाटी, डॉ. भगवत राजपूत, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. भारत शर्मा, डॉ. सिद्धांत और डॉ. अरुण कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
