अनुमंडलीय अस्पताल बना ‘रेफरल केंद्र: हिमांशु शेखर

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टिकारी (बिहार) : टिकारी के अनुमंडलीय अस्पताल को रेफरल केंद्र बनाया गया है. बताते चले कि टिकारी प्रखंड अंतर्गत संडा ग्राम के निर्धन दलित व्यक्ति बिहारी मांझी पिछले एक सप्ताह से समुचित इलाज के लिए भटक रहे हैं। शुक्रवार को टेंपो की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक उपचार गांव के एक ग्रामीण चिकित्सक द्वारा किया गया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल टिकारी लेकर पहुंचे। अनुमंडलीय अस्पताल से बेहतर इलाज के नाम पर उन्हें मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि वहां केवल एक जांचकर मरीज को बिना समुचित दवा व उपचार दिए वापस गांव भेज दिया गया।

वर्तमान में भी उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है।संडा गांव में स्वास्थ्य उपकेंद्र है, तथा वहां चिकित्सक की पदस्थापना भी है, बावजूद इसके ग्रामीणों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरकारी अस्पतालों से निराश होकर बिहारी मांझी को अंततः झोलाछाप चिकित्सक से इलाज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा है।सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु शेखर ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल “हाथी के दांत” साबित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब एक ग्रामीण चिकित्सक प्राथमिक उपचार दे सकता है, तो सरकारी अस्पतालों द्वारा केवल रेफर कर देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बिहारी मांझी का तत्काल समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए तथा स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही तय की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी अस्पतालों में ही उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, तो गरीब मरीज आखिर कहां जायेंगे ?

Report : विश्वनाथ आनंद.

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