वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट का मकसद सिर्फ आंकड़े बताना नहीं है, बल्कि देश की ग्रोथ, रोजगार, किसान, शिक्षा और आम आदमी की जिंदगी को मजबूत बनाना है। सरकार ने इस बजट को तीन बड़े “कर्तव्य” पर आधारित बताया — विकास, लोगों की क्षमता बढ़ाना, और सबको बराबर मौका देना।
सरकार का अनुमान है कि इस साल कुल खर्च लगभग ₹53.5 लाख करोड़ होगा, जबकि कमाई ₹36.5 लाख करोड़ के आसपास रहेगी। फिस्कल डेफिसिट को 4.3% पर रखने का लक्ष्य है, यानी सरकार खर्च और उधार दोनों को कंट्रोल में रखना चाहती है।
उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट
सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएँ शुरू की हैं। बायोफार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ की योजना लाई गई है ताकि भारत दवा निर्माण का ग्लोबल हब बने। सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 लॉन्च होगा, जिससे चिप्स और इलेक्ट्रॉनिक्स का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी बड़ा पैकेज है — मेगा टेक्सटाइल पार्क, खादी और हैंडलूम को सपोर्ट, और नई मशीनरी के लिए फंड। पुराने औद्योगिक इलाकों को फिर से आधुनिक बनाने की योजना भी लाई गई है।
छोटे और मझोले कारोबार (SME) के लिए ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड बनाया गया है ताकि नए “चैंपियन बिजनेस” खड़े किए जा सकें।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जबरदस्त निवेश
सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर पर ₹12.2 लाख करोड़ खर्च करने का फैसला किया है। नए फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्ग, सीप्लेन सेवा और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शुरू होंगे। मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे शहरों को जोड़ने वाली तेज ट्रेनें भविष्य की योजना का हिस्सा हैं।
इन प्रोजेक्ट्स का मकसद है व्यापार आसान करना, ट्रांसपोर्ट सस्ता करना और रोजगार पैदा करना।
ऊर्जा और शहरों का विकास
कार्बन कैप्चर टेक्नोलॉजी पर ₹20,000 करोड़ खर्च होंगे ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे। बड़े शहरों को “सिटी इकॉनमिक रीजन” के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर रोजगार और निवेश के नए सेंटर बनेंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार
सरकार शिक्षा से रोजगार जोड़ने पर फोकस कर रही है। 1 लाख नए हेल्थ प्रोफेशनल तैयार किए जाएंगे। 5 मेडिकल टूरिज्म हब बनाए जाएंगे ताकि भारत हेल्थकेयर में ग्लोबल सेंटर बने।
हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी लैब स्कूलों में शुरू की जाएंगी। पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक धरोहरों को भी बड़ा सपोर्ट मिलेगा।
किसानों के लिए नई पहल
किसानों की आय बढ़ाने के लिए 500 जलाशय और अमृत सरोवर विकसित होंगे। नारियल, काजू, कोको जैसी हाई वैल्यू फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। “भारत-विस्तार” नाम का AI टूल किसानों को खेती की जानकारी देगा।
मानसिक स्वास्थ्य और दिव्यांगजन
उत्तर भारत में नया NIMHANS-2 बनेगा। दिव्यांगजनों के लिए स्किल डेवलपमेंट योजना लाई गई है ताकि उन्हें IT और हॉस्पिटैलिटी जैसे सेक्टर में नौकरी मिल सके।
टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव
नया इनकम टैक्स एक्ट अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म आसान होंगे ताकि आम लोग बिना परेशानी टैक्स भर सकें।
विदेश टूर पैकेज पर TCS घटाकर 2%
शिक्षा और मेडिकल रेमिटेंस पर भी TCS कम
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए आसान सिस्टम
रिटर्न अपडेट करने की समय सीमा बढ़ी
कुछ मामलों में पेनल्टी और केस कम किए जाएंगे
सरकार ईमानदार टैक्सपेयर्स को राहत देना चाहती है और झंझट कम करना चाहती है।
विदेशी निवेश और IT सेक्टर
डेटा सेंटर, IT सेवाओं और ग्लोबल कंपनियों को भारत में निवेश के लिए टैक्स छूट दी जा रही है। IT सेक्टर को भारत की ग्रोथ इंजन माना गया है।
आम लोगों के लिए राहत
व्यक्तिगत उपयोग के सामान पर कस्टम ड्यूटी 20% से घटाकर 10% की गई। कई दवाइयों को ड्यूटी फ्री किया गया। यात्रा के दौरान ड्यूटी-फ्री सामान की सीमा बढ़ेगी।
निष्कर्ष
क्या यह बजट खर्च करने की योजना है या आने वाले दशक के लिए उम्मीद की किरण? यह इंडस्ट्री, किसानों, युवाओं, शिक्षा, हेल्थकेयर और टैक्स रिफॉर्म्स को एक साथ लाने की कोशिश करता है – एक ऐसी रणनीति जिसकी सफलता भविष्य में ही पता चलेगी।
रिपोर्ट : इस्माटाइम्स न्यूज़ डेस्क.
