औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद समेत कई ज़िलों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज़ आंधी-तूफ़ान ने रबी की फसलों को काफी नुकसान पहुँचाया है। इस हालात को लेकर पूर्व मंत्री डॉ. सुरेश पासवान ने एक प्रेस बयान जारी कर सरकार से तुरंत मदद की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस अचानक आई तबाही की वजह से किसानों के चेहरों पर साफ़ तौर पर चिंता देखी जा सकती है। जिन किसानों ने दलहन और तिलहन की फसल काटकर खलिहान में रखी थी, वो भी अब खराब होने की कगार पर है। वहीं गेहूं और चना जैसी मुख्य फसलें, जो अभी खेत में पक रही थीं, वो भी इस आंधी-पानी में लगभग बर्बाद हो गई हैं।
इस नुकसान का असर सिर्फ खेत तक सीमित नहीं है, बल्कि अब किसानों के सामने रोज़मर्रा के खर्च और आर्थिक संकट की भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। ऐसे में डॉ. सुरेश पासवान ने बिहार सरकार से अपील की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और जल्द से जल्द किसानों को उचित मुआवज़ा दिया जाए।
उन्होंने खास तौर पर कृषि मंत्री राम कृपाल यादव से मांग की है कि औरंगाबाद समेत अन्य प्रभावित जिलों के किसानों की मदद के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं, ताकि किसान आगे आने वाली खरीफ फसल की तैयारी कर सकें।
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सरकार को किसानों के बिजली बिल, सिंचाई शुल्क और कृषि ऋण को माफ करने पर भी विचार करना चाहिए। क्योंकि ज़्यादातर किसान कर्ज़ लेकर ही खेती करते हैं, और जब प्राकृतिक आपदा की वजह से फसल बर्बाद हो जाती है, तो उनका पूरा जीवन प्रभावित हो जाता है।
बताया जा रहा है कि ये अचानक मौसम बदलाव रामनवमी की रात को आया, जिसने कुछ ही घंटों में किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
