ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2.89 करोड़ नाम गायब
दोस्तों, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर एक ही खबर छाई हुई है – उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट से करीब 2.89 करोड़ नाम गायब हो गए हैं।
6 जनवरी 2026 को चुनाव आयोग ने यूपी की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। इसमें पिछली लिस्ट की तुलना में इतने सारे नाम नहीं दिख रहे। यूपी में कुल वोटरों की संख्या लगभग 15-16 करोड़ थी और इसमें से लगभग 18% नाम बाहर हो गए।
यह बदलाव बड़ा है और इसलिए चर्चा का केंद्र बन गया है।
चुनाव आयोग का सफाई अभियान: SIR
चुनाव आयोग इसे “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (SIR) का हिस्सा बता रहा है। उनका कहना है कि यह केवल एक सफाई अभियान है।
किसका नाम हटाया गया?
मरे हुए लोगों के नाम
डुप्लीकेट एंट्रीज़
जो लोग जगह बदल चुके हैं
BLOs ने घर-घर जाकर चेक किया और 2003 के डेटा से कंपेयर किया।
ध्यान दें: अभी यह ड्राफ्ट लिस्ट है, फाइनल नहीं। अगर आपका नाम गायब है, तो आप 6 फरवरी तक सुधार करवा सकते हैं। फाइनल लिस्ट 6 मार्च को आएगी।
अमर्त्य सेन का नाम और नोटिस
इस प्रक्रिया में कुछ नाम सुर्खियों में आए। सबसे बड़ा नाम है नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर अमर्त्य सेन का।
92 साल के अमर्त्य सेन को चुनाव आयोग से नोटिस मिला। वजह: उनकी उम्र में रिकॉर्ड गड़बड़ी। कुछ डेटा में उनकी और उनकी मां की उम्र का फर्क सिर्फ 15 साल दिखाया गया था।
चुनाव आयोग ने कहा कि यह रूटीन चेक है और सुनवाई उनके घर पर ही होगी।
वहीं विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है। कांग्रेस और टीएमसी का कहना है कि यह 92 साल के बुजुर्ग का अपमान है।
अन्य प्रभावित लोग
कांग्रेस नेता गुरदीप सिंह सप्पाल भी इस प्रक्रिया में प्रभावित हुए।
पहले वे सहिबाबाद में रहते थे, अब नोएडा शिफ्ट हो गए।
उनका और उनके परिवार का नाम पुरानी जगह से हट गया।
नई जगह पर अभी ऐड नहीं हुआ।
वे कह रहे हैं कि शिफ्ट करने वालों के लिए कोई सिस्टम नहीं है। लाखों लोग जो जगह बदल चुके हैं, अब परेशान हैं।
विपक्ष बनाम चुनाव आयोग
विपक्ष का आरोप है कि यह जानबूझकर किया गया है – गरीब, अल्पसंख्यक और विपक्षी इलाकों के वोटरों को टारगेट किया गया। कुछ लोग इसे “बड़ी साजिश” बता रहे हैं।
चुनाव आयोग का कहना है कि यह पारदर्शी प्रक्रिया है और पॉलिटिकल पार्टियों के प्रतिनिधि भी शामिल थे।
देश भर में 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 6.5 करोड़ नाम हटाए गए, जिसमें यूपी सबसे ज्यादा है।
वोटर लिस्ट सुधार कैसे करें
लोकतंत्र में वोटर लिस्ट साफ-सुथरी होना जरूरी है। फर्जी वोटिंग रोकनी चाहिए, लेकिन असली वोटर परेशान न हो।
अपना नाम चेक करें
वेबसाइट: voters.eci.gov.in
हेल्पलाइन: 1950
ऑफलाइन: BLO से मिल सकते हैं
फॉर्म भरें
फॉर्म 6: नया रजिस्ट्रेशन
फॉर्म 7: डिलीशन ऑब्जेक्शन
फॉर्म 8: सुधार
समय है 6 फरवरी तक, इसलिए मत चूकिए।
निष्कर्ष
वोटर लिस्ट में बदलाव फर्जी वोटिंग रोकने के लिए जरूरी है।
प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि असली वोटर परेशान न हो।
अमर्त्य सेन जैसे सम्मानित व्यक्ति को नोटिस जाना गलत समझा जा सकता है।
आपका वोट आपका हक है। अपनी स्टोरी शेयर करें, जागरूक बनें और वोट जरूर करें।
जय हिंद!
रिपोर्ट: ITN Desk
