औरंगाबाद (बिहार): आज के समय में जब आम लोग अक्सर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हैं, ऐसे में अगर कोई बाहरी राज्य का व्यक्ति खुले दिल से किसी जिले की पुलिस और प्रशासन की तारीफ करे, तो यह निश्चित रूप से एक सकारात्मक और भरोसा बढ़ाने वाली खबर होती है। ऐसा ही एक सराहनीय मामला औरंगाबाद जिले से सामने आया है, जहां पश्चिम बंगाल के आसनसोल निवासी एक पत्रकार ने औरंगाबाद पुलिस की कार्यशैली की खुले तौर पर प्रशंसा की है।
बंगाल राज्य के आसनसोल शहर के रहने वाले पत्रकार राजेश नागवंशी शनिवार की तड़के अपने ससुराल ओबरा जाने के लिए बॉम्बे मेल सुपर फास्ट ट्रेन से औरंगाबाद पहुंचे थे। रात का वक्त था और लगभग सुबह पौ फटने से पहले करीब 2:50 बजे वे अनुग्रह नारायण रोड रेलवे स्टेशन पर उतरे। स्टेशन से बाहर निकलने के बाद वे ऑटो के माध्यम से अपने गंतव्य की ओर बढ़े, लेकिन इसी दौरान एक अनजाने में बड़ी परेशानी सामने आ गई।
रात के अंधेरे में पुलिस की मुस्तैदी, खोया सूटकेस सुरक्षित मिला
ऑटो से उतरते समय उनका एक सूटकेस उसी ऑटो में छूट गया। कुछ ही देर बाद जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ तो स्वाभाविक रूप से वे काफी परेशान हो गए। अजनबी शहर, रात का समय और जरूरी सामान से भरा सूटकेस—स्थिति किसी के लिए भी चिंता बढ़ाने वाली हो सकती थी। लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय समझदारी से काम लिया और तुरंत औरंगाबाद के एसडीपीओ तथा डायल 112 पर कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही औरंगाबाद पुलिस ने बिना समय गंवाए सक्रियता दिखाई। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। रेलवे स्टेशन से बाहर निकलने वाले ऑटो चालकों से सघन पूछताछ की गई और हर संभावित पहलू पर ध्यान दिया गया। पुलिस की सतर्कता, मेहनत और तेज़ कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि कुछ ही समय के भीतर उस ऑटो की पहचान कर ली गई, जिसमें सूटकेस छूटा था।
इसके बाद सूटकेस को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और पत्रकार राजेश नागवंशी को सौंप दिया गया। जब उन्हें अपना सामान सही-सलामत वापस मिला, तो उनकी राहत और खुशी साफ दिखाई दे रही थी। इस पूरी घटना के बाद उन्होंने औरंगाबाद जिला पुलिस की कार्यशैली की दिल खोलकर तारीफ की।
पत्रकार राजेश नागवंशी ने कहा कि पुलिस की ऐसी तत्परता और जिम्मेदार रवैया ही आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हर जगह पुलिस इसी तरह संवेदनशीलता और ईमानदारी से काम करे, तो लोगों का कानून-व्यवस्था पर भरोसा और बढ़ेगा।
उन्होंने इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस बल में शामिल दिलीप कुमार सहित अन्य सभी पुलिसकर्मियों के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। यह घटना न सिर्फ औरंगाबाद पुलिस की मुस्तैदी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि सही समय पर की गई कार्रवाई किसी भी नागरिक के लिए कितनी अहम साबित हो सकती है।
इस तरह की घटनाएं समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और यह साबित करती हैं कि अगर प्रशासन ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करे, तो आम जनता भी खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करती है।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
