भारत मंडपम में धूमधाम से मना अटल जी का जन्म शताब्दी वर्ष

Share this News

18 विभूतियों को मिला अटल सम्मान

भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर ऐतिहासिक भारत मंडपम, प्रगति मैदान (नई दिल्ली) में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर द्वादश राष्ट्रीय ‘अटल सम्मान समारोह’ और प्रसिद्ध संगीतमय अटल गाथा का आयोजन धूमधाम से हुआ।

यह कार्यक्रम अटल सम्मान समारोह ट्रस्ट द्वारा आयोजित किया गया। समारोह में प्रसिद्ध कथा वाचक अजय भाई ने संगीतमय अटल गाथा प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन, कविताओं और स्मृतियों को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजक भुवनेश सिंघल ने ‘अटल संवाद’ के माध्यम से अटल जी के करीबी रहे सत्यनारायण जटिया से बातचीत की। इस संवाद में अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुड़े कई जाने-अनजाने पहलू सामने आए, जिससे लोगों को अटल जी को और करीब से जानने का अवसर मिला।

इसी अवसर पर माता सीता के जीवन पर आधारित भुवनेश सिंघल द्वारा लिखित पुस्तक ‘श्री जानकी’ का लोकार्पण मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया। अटल सम्मान समारोह के इस बारहवें आयोजन में देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 18 विशिष्ट व्यक्तियों को अटल सम्मान प्रदान किया गया।

चयन प्रक्रिया के बारे में बताया गया कि देश और विदेश से प्राप्त सैकड़ों आवेदनों की गहन जांच के बाद चयन समिति ने योग्य व्यक्तियों का चयन किया। चयन समिति में सांसद एवं कलाकार मनोज तिवारी, पद्मश्री नलिनी-कमलनी, प्रसिद्ध गायक कुमार विशु, मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा और साहित्यकार भुवनेश सिंघल शामिल थे।

अटल सम्मान समारोह के अध्यक्ष और आयोजक भुवनेश सिंघल ने बताया कि यह उनका बारहवां आयोजन है और यह समारोह भारतीय संस्कृति और परंपरा को जीवित रखने के लिए जाना जाता है। कार्यक्रम में शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सम्मान प्रदान किए गए, जो इस आयोजन की विशेष पहचान है।

मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की और सभी चयनित लोगों को अटल सम्मान प्रदान किया। विशिष्ट अतिथियों में विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता और नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी की चेयरपर्सन सत्या शर्मा उपस्थित रहीं।

सम्मान के दौरान सभी पुरस्कार विजेताओं को तिलक कर विशेष पुष्पमालाएं पहनाई गईं और श्रीफल, गणेश प्रतिमा, विशेष प्रतीक चिन्ह, अंग वस्त्र, श्री रामचरित मानस, रुद्राक्ष, ‘श्री जानकी’ पुस्तक, प्रतीकात्मक कटार, तिरुपति बालाजी का प्रसादम और सम्मान पत्र सहित कुल 11 वस्तुएं भेंट की गईं।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से अटल जी को इस सांस्कृतिक तरीके से याद करना और उनकी विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना अत्यंत सराहनीय है। विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक दल के नेता नहीं थे, बल्कि पूरे देश के नेता थे।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से चयनित 18 सम्मानित व्यक्तियों को अलग-अलग श्रेणियों में अटल सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्यकार, कलाकार, समाजसेवी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Share this News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *