औरंगाबाद (बिहार): बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश पासवान ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बिहार बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह बजट एक गरीब राज्य को आगे बढ़ाने के लिए किसी ठोस योजना, साफ रोडमैप या स्पष्ट ब्लूप्रिंट से खाली है।
डॉ. पासवान ने कहा कि बजट भाषण के दौरान एक दिलचस्प बात यह रही कि न सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष की तरफ से सदन में मेज थपथपाकर स्वागत किया गया। उनके मुताबिक यह इस बात का संकेत है कि बजट में बिहार के विकास को लेकर कोई मजबूत विजन सामने नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी विभाग को खास तौर पर हाईलाइट नहीं किया गया, जिससे बजट की दिशा और प्राथमिकताएं साफ नजर नहीं आतीं।
पूर्व मंत्री ने आगे कहा कि सरकार द्वारा पेश किया गया यह बजट सिर्फ निराशाजनक ही नहीं है, बल्कि इससे जनता के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता भी कमजोर दिखाई देती है। उनका मानना है कि बजट में किसानों, मजदूरों, नौजवानों और आम आदमी के हितों को नजरअंदाज किया गया है।
डॉ. सुरेश पासवान के बयान के बाद बजट को लेकर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष लगातार सरकार से विकास की स्पष्ट रणनीति और जमीनी योजनाओं की मांग करता रहा है।
रिपोर्ट: अजय कुमार पाण्डेय.
