गुजरात में अमीरों की दारू-हुक्का पार्टी पर पुलिस रेड: 38 लड़कियां सहित 81 पकड़े, 3 करोड़ का सामान जब्त!

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अहमदाबाद के पास साणंद में एक ऐसा हाई-प्रोफाइल पार्टी का भंडाफोड़ हुआ है कि सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। ये पार्टी किसी और के लिए नहीं, बल्कि मुंबई के एक बिजनेसमैन अमित गोपीलाल पचेरीवाल ने अपने जीजा आदर्श जगदीश अग्रवाल की शादी की 25वीं सालगिरह यानी सिल्वर जुबली मनाने के लिए आयोजित की थी। जगह थी साणंद-नलसरोवर रोड पर स्थित लग्जरी वीकेंड होम ‘निर्वाणा ग्रीन्स’। बाहर BMW, ऑडी जैसी 20 से ज्यादा चमचमाती गाड़ियां खड़ी थीं, अंदर DJ बज रहा था, लोग मास्क लगाकर डांस कर रहे थे और टेबल पर विदेशी शराब की बोतलें, हुक्का और केक सजे हुए थे।

रात को पुलिस को खबर मिली और अचानक छापा मार दिया। वहां मौजूद कुल 81 लोग पकड़े गए – जिनमें 43 मर्द थे और 38 लड़कियां। पुलिस ने 43 पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि महिलाओं को हिरासत में लेकर मेडिकल टेस्ट के लिए भेज दिया। पार्टी में ज्यादातर लोग 40 साल से कम उम्र के थे, और इनमें डॉक्टर, बिल्डर, बड़े व्यापारी जैसे हाई-प्रोफाइल लोग शामिल थे। पुलिस ने वहां से विदेशी शराब की बोतलें, 10 हुक्के, 22 लग्जरी गाड़ियां, 74 मोबाइल फोन और दूसरा सामान जब्त किया। कुल कीमत करीब 2.91 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सबको साणंद के सरकारी अस्पताल ले जाकर मेडिकल चेकअप करवाया गया और बैकग्राउंड चेक भी चल रहा है।

ये कोई पहली घटना नहीं है। गुजरात में शराबबंदी सख्त है, लेकिन अमीर तबके के लोग वीकेंड होम या फार्महाउस पर ऐसी गुप्त पार्टियां करते रहते हैं। छह महीने पहले भी साणंद के ग्लेड गोल्फ रिजॉर्ट में एक बर्थडे पार्टी पर इसी तरह रेड पड़ी थी। पुलिस का कहना है कि उन्हें टिप मिली थी, तभी एक्शन लिया। अहमदाबाद रूरल SP ओम प्रकाश जाट ने बताया कि ये पार्टी पूरी तरह अवैध थी और प्रोहिबिशन एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

सोशल मीडिया पर तो इस खबर ने आग लगा दी है। X (ट्विटर) पर लोग वीडियो शेयर कर रहे हैं जिसमें पुलिस लड़कियों-लड़कों को बस में बैठाती दिख रही है। कोई कह रहा है, “गुजरात ड्राई स्टेट है लेकिन अमीरों के लिए वेट स्टेट लगता है!” तो कोई मजाक उड़ा रहा है कि “पुलिस ने पार्टी क्रैश कर दी, अब ये लोग घर पर ही एनिवर्सरी मनाएंगे।” एक यूजर ने लिखा, “नई ट्रेंड है वीकेंड होम पार्टी का, शहर से दूर कोई पकड़ नहीं सकता – लेकिन पुलिस ने पकड़ लिया!” कुछ लोग पुलिस की तारीफ कर रहे हैं कि अच्छा काम किया, कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए। वहीं कुछ ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी पार्टी कैसे इतने दिनों तक छुपी रही?

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कानून की नजर से कोई बच नहीं सकता, चाहे कितना भी अमीर क्यों न हो। गुजरात सरकार शराबबंदी को लेकर सख्त है, लेकिन ऐसे मामले आने से सवाल तो उठते ही हैं। आप क्या सोचते हैं? क्या गुजरात में शराबबंदी पूरी तरह सफल है या इसमें बदलाव की जरूरत है?

रिपोर्ट : इस्माटाइम्स न्यूज़ डेस्क.

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