23 दिसंबर 2025 की एक खबर ने देशभर में ध्यान खींचा। हाजी मस्तान की बेटी हसीन मस्तान मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से न्याय और सुरक्षा की मांग की। हसीन ने खुलकर कहा कि उनके साथ बहुत दर्दनाक घटनाएं हुई हैं। उनकी कहानी सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं की है, जो अपने हक और सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रही हैं।
हाजी मस्तान, मुंबई के अंडरवर्ल्ड के मशहूर डॉन, 1994 में गुजर गए थे। उनकी मौत की खबर हसीन को दो साल बाद मिली। हसीन ने बताया कि उनके पिता का नाम उनके जीवन की परेशानियों में बार-बार घसीटा जाता है, जिससे उन्हें और अधिक दर्द होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनका जीवन उनके अपने संघर्ष और दर्द का है, और उन्हें न्याय चाहिए।
हसीन का कहना है कि 1996 में जबरन उनकी शादी कराई गई। उनका पति उनका चचेरा भाई था और पहले से आठ विवाह कर चुका था। इसके बावजूद परिवार ने उनका नाम छुपाया। उस समय हसीन नाबालिग थीं, लेकिन परिवार और समाज के दबाव में उन्हें शादी के लिए मजबूर किया गया। शादी के बाद उन्हें लगातार मारपीट, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
हसीन ने बताया कि उनके साथ बलात्कार हुआ और उनके प्रॉपर्टी हक की भी लूट की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, उन्होंने तीन बार खुदकुशी करने की कोशिश की, लेकिन हर बार वे बच गईं। इसके बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि औरतों के लिए मजबूत कानून बनें, ताकि किसी भी महिला को ऐसे हालात का सामना न करना पड़े। उन्होंने ट्रिपल तलाक कानून की तारीफ की और कहा कि यह महिलाओं की सुरक्षा और अधिकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
हसीन ने साफ कहा कि उनका परिवार अब उनका साथ नहीं देता। उनकी मां और अन्य रिश्तेदार उनकी मदद करने की बजाय दबाव डालते रहे। इस वजह से हसीन अब अकेली हैं और उनके सामने न केवल न्याय की लड़ाई है बल्कि अपनी सुरक्षा की भी चुनौती है। उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई।
इस कहानी ने सोशल मीडिया पर भी तेजी से ध्यान खींचा। लोग हसीन के दर्द से सहानुभूति जता रहे हैं और उनकी मदद करने के लिए आवाज उठाते हुए उनके समर्थन में खड़े हो रहे हैं। हसीन ने कहा कि उनकी कहानी उन सभी महिलाओं के लिए चेतावनी है, जिनके साथ समाज और परिवार जुल्म करता है। उन्होंने कहा कि मजहब और परिवार के नाम पर महिलाओं के हक को दबाना गलत है।
हसीन की कहानी यह दिखाती है कि अगर महिलाएं अपने हक और सुरक्षा के लिए आवाज उठाती हैं, तो समाज को उनकी मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय और कानून हर महिला का अधिकार है। उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री उनकी सुनेंगे और उन्हें सुरक्षा और न्याय प्रदान करेंगे।
इस दर्दनाक और संवेदनशील मुद्दे ने देशभर में चर्चा पैदा कर दी है। हसीन ने मीडिया और जनता से भी अपील की है कि वे उनके संघर्ष को समझें और समाज में महिलाओं के हक और सुरक्षा के लिए आवाज उठाएं। उन्होंने कहा कि सिर्फ न्याय पाने के लिए नहीं, बल्कि यह एक संदेश है कि कोई भी महिला अकेली नहीं है और समाज को महिलाओं के हक की रक्षा करनी चाहिए।
हसीन ने यह भी कहा कि अब उनके पिता का नाम उनके दर्द और संघर्ष में मत घसीटा जाए। उनका जीवन अब उनके खुद के अनुभवों और मुश्किलों का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकसद सिर्फ न्याय और सुरक्षा है, ताकि अन्य महिलाएं भी अपने हक के लिए आवाज उठा सकें।
इस पूरे मामले ने यह संदेश दिया है कि समाज में महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चाहे वह अंडरवर्ल्ड डॉन की बेटी हो या कोई आम महिला, सभी महिलाओं के लिए कानून और न्याय समान होना चाहिए। हसीन की कहानी यह भी दिखाती है कि परिवार और समाज का दबाव महिलाओं के जीवन को कितना प्रभावित कर सकता है और इसके खिलाफ कानून और समाज की जिम्मेदारी बनती है।
हसीन का संघर्ष यह याद दिलाता है कि महिलाएं अकेली नहीं हैं। उनके दर्द, उनकी उम्मीद और उनकी लड़ाई उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो अपने हक और सम्मान के लिए लड़ रही हैं। हसीन मस्तान मिर्जा ने साफ किया कि अब उनका लक्ष्य सिर्फ न्याय पाना है और वह इसके लिए किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेंगी।
by ITN Desk.
