बिहार गृह रक्षा वाहिनी, औरंगाबाद के कोषाध्यक्ष जयराम पाठक को लेकर जिले में एक बात आम तौर पर कही जाती है कि वे सेवा करते कभी थकते नहीं। यह बात किसी एक व्यक्ति या किसी संवाददाता की नहीं है, बल्कि खुद बिहार गृह रक्षा वाहिनी औरंगाबाद के जवानों का कहना है। उनके अनुसार जयराम पाठक हमेशा निस्वार्थ भाव से आम जनता की सेवा में लगे रहते हैं और हर परिस्थिति में लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं।
इन दिनों जब शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, तब जयराम पाठक ने एक बार फिर अपने सेवा भाव का परिचय दिया। ठंड को देखते हुए उन्होंने औरंगाबाद शहर के विभिन्न स्थानों पर अलाव की व्यवस्था करवाई, ताकि जरूरतमंद लोग ठंड से राहत पा सकें। सड़कों पर रहने वाले लोग, मजदूर और रात के समय बाहर रहने को मजबूर लोग इस व्यवस्था से काफी राहत महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस पहल को सराहनीय बताया और जयराम पाठक के इस प्रयास की खुले दिल से प्रशंसा की।

यह पहला मौका नहीं है जब जयराम पाठक ने इस तरह समाज के लिए कुछ किया हो। वे लंबे समय से निस्वार्थ भाव से जनसेवा करते आ रहे हैं। चाहे भीषण गर्मी का मौसम हो या ठंड का दौर, वे हर स्थिति में लोगों की जरूरतों को समझते हैं और उसके अनुसार मदद करते हैं। गर्मियों में पीने के पानी की व्यवस्था करना, राहगीरों के लिए पानी उपलब्ध कराना उनकी नियमित गतिविधियों में शामिल रहा है।
जयराम पाठक का सेवा भाव सिर्फ इंसानों तक ही सीमित नहीं है। वे गायों और पक्षियों के लिए भी समय-समय पर पानी और चारे की व्यवस्था करते रहते हैं। इसके साथ ही पर्यावरण और वातावरण की रक्षा के लिए पौधारोपण जैसे कार्यों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रहती है। तन, मन और धन से समाज के लिए समर्पित ऐसे लोग आज के समय में बहुत कम देखने को मिलते हैं, और जयराम पाठक उनमें से एक हैं।
लोगों का कहना है कि वे हमेशा जनता के बीच रहने वाले व्यक्ति हैं। दिन हो या रात, कोई भी जरूरत हो, जयराम पाठक हर समय उपलब्ध रहते हैं। गृह रक्षा वाहिनी के जवान हों या आम नागरिक, सभी के लिए उनका व्यवहार एक समान रहता है। यही वजह है कि लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते और उनके कार्यों को प्रेरणादायक मानते हैं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि निस्वार्थ सेवा करना ही मानव का सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है। जयराम पाठक इसी सोच के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हैं। वे अपने कर्तव्यों के प्रति हमेशा सजग रहते हैं और बिना किसी स्वार्थ के समाज के लिए काम करते हैं।
कुल मिलाकर, बिहार गृह रक्षा वाहिनी औरंगाबाद के कोषाध्यक्ष जयराम पाठक का जीवन और कार्यशैली समाज के लिए एक उदाहरण है। उनका सेवा भाव यह संदेश देता है कि यदि नीयत साफ हो और मन में सेवा की भावना हो, तो छोटे-छोटे प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
रिपोर्ट: विश्वनाथ आनंद.
