औरंगाबाद, बिहार : बिहार की सियासत में एक नया विवाद सामने आया है। राजीव रंजन सिंह, जिन्हें राजा बाबू के नाम से भी जाना जाता है, ने अपनी ही पार्टी के विधायक चेतन आनंद पर बेहद गंभीर इल्ज़ाम लगाए हैं।
यह मामला औरंगाबाद जिले के नवीनगर इलाके से जुड़ा हुआ है, जहां इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
राजीव रंजन सिंह ने एक लिखित शिकायत में बताया कि 2 अप्रैल 2026 की रात करीब 8:30 बजे, विधायक चेतन आनंद अपने सरकारी अंगरक्षकों और निजी गार्ड के साथ उनके घर पहुंचे।
उस समय राजीव रंजन सिंह घर पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनके घर में उनकी पत्नी मधु कुमारी, बच्चे और दादा श्री सूर्यवंश सिंह मौजूद थे।
इल्ज़ाम के मुताबिक, घर पहुंचते ही विधायक ने गाली-गलौज शुरू कर दी और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। यहां तक कहा गया कि “राजीव को काट देंगे, पेट फाड़ देंगे और बर्बाद कर देंगे।”
रंगदारी और काम बंद कराने का आरोप
राजीव रंजन सिंह ने यह भी बताया कि उनका एनटीपीसी से जुड़ा सिविल कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है।
उनका कहना है कि विधायक ने पहले उन्हें मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन जब वह नहीं मिले तो घर पहुंचकर काम बंद कराने और रंगदारी मांगने की धमकी दी।
उन्होंने दावा किया कि इस पूरी घटना के सबूत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो चुके हैं।
पुलिस से कार्रवाई की मांग
इस मामले में राजीव रंजन सिंह ने पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद को संबोधित एक शिकायत पत्र भेजा है।
उन्होंने प्रशासन से गुजारिश की है कि:
इस मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाए
उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
उनका कहना है कि इस घटना के बाद उनका पूरा परिवार दहशत में है और खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
विधायक का पक्ष अब तक सामने नहीं
जब इस मामले पर चेतन आनंद से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन उनके पी.ए. ने उठाया।
पी.ए. ने बताया कि विधायक इस वक्त क्षेत्र में व्यस्त हैं, इसलिए समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष सामने नहीं आ सका।
निष्कर्ष: सियासी तनाव या गंभीर मामला?
यह मामला बिहार की राजनीति में बढ़ते आंतरिक तनाव की ओर इशारा करता है। एक तरफ गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी तरफ अभी तक जवाब नहीं आया है।
Report : अजय कुमार पाण्डेय.
