कोटद्वार : उत्तराखंड के छोटे से शहर कोटद्वार में इन दिनों एक नाम खूब चर्चा में है – “मोहम्मद दीपक”। ये किसी मुस्लिम शख्स का नाम नहीं, बल्कि एक हिंदू जिम ट्रेनर दीपक कुमार का वो अंदाज़ है, जिसने नफरत फैलाने वालों के मुँह पर तमाचा मार दिया। ये घटना उस वक्त की है जब गणतंत्र दिवस के आसपास कुछ लोग एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की दुकान पर पहुंचे और दुकान का नाम बदलने का दबाव बनाने लगे।
दुकान का नाम है “बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर”। ये दुकान पटेल मार्ग पर पिछले 30 सालों से चल रही है। दुकान मालिक एक बुजुर्ग मुस्लिम हैं, जिन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि “बाबा” नाम पर कोई विवाद हो सकता है। लेकिन कुछ लोग, जो खुद को बजरंग दल का बताते हैं, वहाँ पहुँचे और कहा कि “बाबा” शब्द हिंदू संस्कृति से जुड़ा है, इसलिए नाम बदल दो।

तभी वहाँ मौजूद लोकल जिम ट्रेनर दीपक कुमार बीच में आ गए। उन्होंने शांति से लेकिन सख्ती से उन लोगों का विरोध किया। जब किसी ने दीपक से उनका नाम पूछा तो उन्होंने गर्व से कहा – “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है!” इसके बाद उन्होंने साफ कहा, “मैं पहले इंसान हूँ, धर्म से परे। हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा यहां मत लाओ।” दीपक और कुछ लोकल लोगों ने मिलकर उन लोगों को वहाँ से जाने को कहा और मामला शांतिपूर्वक सुलझ गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोग दीपक की तारीफ करते नहीं थक रहे। एक्स (ट्विटर) पर एक यूजर @IndiaAwakened_ ने लिखा – “कोटद्वार से आज की वायरल वीडियो के हीरो ‘मोहम्मद दीपक’। जब कुछ नफरती लोग दबाव बना रहे थे, तब हिंदू भाइयों ने एकजुट होकर उन्हें खदेड़ दिया। यही असली भारत है – प्यार और भाईचारे का देश।” इस पोस्ट को हजारों लाइक्स और रीट्वीट्स मिले।
एक और यूजर @geoajeet ने लिखा – “इंसानियत का दीपक! कोटद्वार के दीपक ने नफरत फैलाने वालों को क्या खूब जवाब दिया। ऐसे लोग ही देश को सांप्रदायिक उन्माद से बचा सकते हैं।” वहीं @ImranAnsari_1 ने पोस्ट किया – “मोहम्मद दीपक ये पूरे देश का दीपक है। ऐसी लौ हर कोने में जलनी चाहिए।”
लोग दीपक को असली हीरो बता रहे हैं। कोई कह रहा है कि बहुसंख्यक समाज को इसी तरह आगे आना चाहिए। कोई लिख रहा है कि दीपक ने दिखा दिया कि इंसानियत धर्म से ऊपर है। पुलिस ने भी मामले की जांच की और दोनों पक्षों से बातचीत के बाद सब शांत हो गया। दुकानदार के परिवार ने भी सद्भावना के लिए आगे कोई शिकायत नहीं की।
ऐसे वक्त में जब देश में छोटी-छोटी बातों पर नफरत फैलाई जा रही है, दीपक कुमार जैसे लोग उम्मीद की किरण बनकर सामने आते हैं। वो दिखाते हैं कि असली भारत वो है जहाँ हिंदू-मुस्लिम साथ खड़े हों, एक-दूसरे का सम्मान करें। मोहम्मद दीपक सिर्फ एक नाम नहीं, एक संदेश है – इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। ऐसी मिसालें हर जगह फैलनी चाहिए, ताकि नफरत की आग कभी भड़क न पाए।
आपको क्या लगता है? क्या आपको ऐसे हीरोज पर गर्व होता है?
रिपोर्ट : इस्माटाइम्स न्यूज़ डेस्क.
