मुजफ्फरपुर, बिहार : मुजफ्फरपुर में अब मीट और मछली की दुकानों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। नगर निगम ने साफ शब्दों में कह दिया है कि अब नियमों का पालन हर हाल में करना होगा। ये आदेश भले ही बिहार सरकार की तरफ से जारी हुआ हो, लेकिन ज़मीन पर इसे लागू कराने की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की ही है।
इसी को लेकर निगम के अधिकारी और कर्मचारी अलग-अलग इलाकों में घूम-घूमकर माइकिंग करवा रहे हैं। दुकानदारों को समझाया भी जा रहा है और साथ ही सख्त चेतावनी भी दी जा रही है कि अगर नियम नहीं माने गए तो कार्रवाई तय है।

क्या हैं नए नियम?
नगर निगम ने कुछ साफ निर्देश जारी किए हैं:
मीट, मछली या मुर्गे की दुकान चलाने के लिए अब नगर निगम से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
मुख्य सड़कों पर अब ये दुकानें नहीं चलेंगी।
दुकान अगर गली में है तो उसे काले शीशे या काले कपड़े से ढककर रखना होगा, ताकि बाहर से सीधा नजर न आए।
कचरा प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था करनी होगी और इसके लिए संबंधित विभाग से अनुबंध भी कराना होगा।
किसी भी धार्मिक स्थल या शिक्षण संस्थान के आसपास मीट की दुकान नहीं खोली जा सकेगी।
क्यों लिया गया ये फैसला?
शहर के पक्की सराय, कल्याणी, कंपनी बाग, आमगोला, सतपुरा, बनारस बैंक चौक, पुरानी बाजार और अखाड़ाघाट जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में मीट और मछली की दुकानें चल रही हैं। इन दुकानों की वजह से आसपास के लोगों को दुर्गंध की समस्या झेलनी पड़ती है।
इतना ही नहीं, कई जगहों पर जाम की समस्या भी बनी रहती है। खासकर पर्व-त्योहार के समय हालात और मुश्किल हो जाते हैं। आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए नगर निगम ने मुख्य मार्गों से ऐसी दुकानों को हटाने का सख्त आदेश दिया है।
आख़िरी चेतावनी
नगर निगम प्रशासन ने साफ कह दिया है कि इसे आख़िरी चेतावनी समझा जाए। अगर कोई दुकानदार नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसकी दुकान सील कर दी जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अब देखना ये होगा कि दुकानदार कितनी जल्दी इन नियमों को मानते हैं और शहर की व्यवस्था को बेहतर बनाने में कितना सहयोग करते हैं।
रिपोर्ट : ग़ज़नफर इकबाल.
