नव वर्ष के पहले दिन शुक्रवार को रफीगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय भवन में एनडीए गठबंधन समर्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पहली बार निर्वाचित विधायक एवं समाजसेवी प्रमोद कुमार सिंह द्वारा जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस जनता दरबार में क्षेत्र के सैकड़ों पीड़ित लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जनता दरबार में रफीगंज प्रखंड कार्यालय के अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित कई अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे। यह जनता दरबार दोपहर से शुरू होकर संध्या 4:00 बजे तक चला। इस दौरान लगभग 70 से 80 आवेदन पीड़ितों द्वारा विधायक को सौंपे गए।
जनता दरबार में लोगों ने जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में देरी, अंचल से जुड़े मामलों और अन्य स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को सभी आवेदनों का नियमानुसार समाधान करने या करवाने का स्पष्ट निर्देश दिया। वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जनता दरबार में दिए गए आवेदनों पर आगे कितनी तेजी और ईमानदारी से कार्रवाई होती है। खासकर रफीगंज क्षेत्र में भूमि विवाद का मामला अक्सर भू-माफिया से जुड़ा रहता है। इस बार के जनता दरबार में भी भू-माफिया से संबंधित शिकायतें सामने आईं, जिसकी गूंज कार्यक्रम के दौरान सुनाई दी।
जनता दरबार समाप्त होने के बाद जब संवाददाता ने विधायक प्रमोद कुमार सिंह से इन मामलों को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने सभी सवालों का खुलकर जवाब दिया। लेकिन जब इसी विषय पर संवाददाता ने रफीगंज के अंचलाधिकारी से सवाल पूछना चाहा, तो उन्होंने मौके पर उपस्थित लोगों के सामने यह कहकर जवाब देने से मना कर दिया कि वे सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दे सकते। उन्होंने संवाददाता से अनुरोध किया कि उनका बयान न लिया जाए। कुल मिलाकर जनता दरबार में लोगों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि दिए गए आवेदनों पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि कितनी प्रभावी कार्रवाई करते हैं और पीड़ितों को वास्तविक न्याय कब तक मिल पाता है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय के साथ अनिल कुमार विश्वकर्मा.
