औरंगाबाद (बिहार) : औरंगाबाद में 14 फरवरी 2026, शनिवार को समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी के सभागार में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस मौके पर उप विकास आयुक्त श्रीमती अनन्या सिंह ने मीडिया कर्मियों को नए कानून “वी.भी.जी. राम जी” के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संसद में केंद्र सरकार की ओर से मजदूरों के लिए जो नया कानून पेश किया गया है, उसके तहत अब हर गांव में वयस्क मजदूरों को पहले के 100 दिनों की बजाय 125 दिनों का काम हर वित्तीय वर्ष में दिया जाएगा। यानी अब गांव के मजदूरों को ज्यादा दिनों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी।
उप विकास आयुक्त ने यह भी साफ किया कि अगर कोई मजदूर काम मांगता है और 15 दिनों के अंदर उसे काम नहीं दिया जाता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाएगा। यानी सरकार की जिम्मेदारी तय होगी।
इस विधेयक के तहत ग्रामीण इलाकों में होने वाले सभी कार्यों को “विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक” में शामिल किया जाएगा। इससे गांवों में सार्वजनिक कामों के लिए एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्रीय ढांचा तैयार होगा।
इस अधिनियम में चार बड़े फोकस एरिया तय किए गए हैं:
जल सुरक्षा और जल से जुड़े काम
मुख्य ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर
आजीविका से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रतिकूल मौसम की घटनाओं को कम करने वाले कार्य
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से देशभर में टिकाऊ, मजबूत और लंबे समय तक फायदा देने वाली ग्रामीण परिसंपत्तियां तैयार होंगी।
सभी कार्यों की पहचान “विकसित ग्राम पंचायत योजना” के जरिए की जाएगी। यह योजना बॉटम-अप अप्रोच पर आधारित होगी, यानी गांव से लेकर राज्य स्तर तक प्राथमिकताओं को जोड़ते हुए काम तय होंगे। पहले पंचायत स्तर पर योजना बनेगी, फिर उसे ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर समेकित किया जाएगा, ताकि क्षेत्रीय जरूरतों के हिसाब से सही तालमेल बन सके।
इन योजनाओं को जीपीएस जैसी स्पेशियल टेक्नोलॉजी के जरिए तैयार किया जाएगा और उन्हें पीएम गति शक्ति योजना से भी जोड़ा जाएगा।
राज्य सरकारों को यह अधिकार भी दिया गया है कि वे एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 60 दिनों की अवधि पहले से तय कर सकें, जिसमें इस कानून के तहत काम नहीं होगा। ऐसा इसलिए ताकि बुवाई और कटाई के पीक सीजन में खेतिहर मजदूरों की उपलब्धता बनी रहे।
हर राज्य सरकार को इस कानून के लागू होने की तारीख से 6 महीने के अंदर एक विस्तृत योजना बनानी होगी। यह योजना केंद्रीय प्रायोजित योजना के रूप में चलाई जाएगी। इसमें फंड शेयरिंग का पैटर्न भी तय किया गया है — उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 90:10 और बाकी राज्यों एवं विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 60:40 का अनुपात रहेगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरीय उप समाहर्ता एवं जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती स्वेता प्रियदर्शी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान वी.भी.जी. राम जी से जुड़ा एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन शामिल था।
पूरे कार्यक्रम में मीडिया को विस्तार से जानकारी दी गई और सरकार की इस नई पहल को मजदूरों के लिए एक बड़ा कदम बताया गया।
Report : अजय कुमार पाण्डेय.
