राष्ट्रीय साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘शब्दवीणा’ की उत्तर प्रदेश समिति और बरेली जिला समिति के संयुक्त तत्वावधान में साहित्यकार स्वर्गीय रामसेवक त्रिगुणायत ‘सेवक’ की स्मृति में एक भव्य साहित्यिक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम बरेली के लोक खुशहाली सभागार में “सेवक स्मृति सम्मान समारोह एवं शब्दवीणा काव्यांजलि” के रूप में आयोजित हुआ।
इस गरिमामय समारोह का आयोजन शब्दवीणा की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. रश्मि प्रियदर्शनी, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अनुराग सैनी मुकुंद, कार्यक्रम के सूत्रधार एवं प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश त्रिगुणायत, प्रदेश साहित्य मंत्री सीमा मौर्य ‘शैली’, बरेली जिला संरक्षक हिमांशु श्रोत्रिय ‘निष्पक्ष’ तथा जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्निहोत्री के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में शब्दवीणा के सभी पदाधिकारियों और साहित्य प्रेमियों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद आमंत्रित कवि-कवयित्रियों का माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार आचार्य देवेन्द्र देव सहित सभी आमंत्रित रचनाकारों को “सेवक स्मृति सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया, जिससे पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण बन गया।
शब्दवीणा काव्यांजलि सत्र में देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवि और कवयित्रियों ने अपनी सशक्त रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इस काव्यांजलि में उमेश त्रिगुणायत, सीमा मौर्य शैली, हिमांशु श्रोत्रिय ‘निष्पक्ष’, अभिषेक अग्निहोत्री, कुमार कौशल, उपमेन्द्र सक्सेना, उन्नति राधा शर्मा, मनोज सक्सेना ‘मनोज’, नेहा मिश्रा, पुष्पेन्द्र मोहन शुक्ल ‘दीप’, यूनूस चिश्ती, डॉ. मुकेश मीत, शैलेन्द्र मिश्र ‘देव’, सोहिल बरेलवी, गोपाल पाठक ‘कृष्णा’, प्रियांशु त्रिपाठी, पीयूष गोयल ‘बेदिल’, सुनील शर्मा ‘समर्थ’, अमित मनोज, पीयूष शर्मा, दीप्ति सक्सेना ‘दीप’, कुलदीप कल्प, राजवाला धैर्य, सत्यवती सिंह ‘सत्या’, मनोज दीक्षित ‘टिंकू’, शालिनी शर्मा और अचिन मायूस ने गीत, ग़ज़ल, दोहे, मुक्तक और छंद प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण शब्दवीणा के केंद्रीय पेज से किया गया, जिससे देशभर के साहित्य प्रेमी दर्शक और श्रोता इस आयोजन से जुड़ सके और काव्यपाठ का भरपूर आनंद लिया। यह आयोजन साहित्य, संवेदना और स्मृति का एक सुंदर संगम बन गया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
