भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भारत रत्न के असली हकदार : कांग्रेस

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गया जी (बिहार): भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और देश के आर्थिक सुधारों के जनक कहे जाने वाले डॉ. मनमोहन सिंह की दूसरी पुण्यतिथि गया जी के अनुग्रह नारायण रोड स्थित दुबे आश्रम में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें याद किया और उनके योगदान को देश के लिए अमूल्य बताया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मनमोहन सिंह के चित्र पर माल्यार्पण से की गई। इसके बाद उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह एक प्रख्यात विद्वान थे और उन्होंने देश की सेवा कई महत्वपूर्ण पदों पर रहकर की।

सभा को संबोधित करते हुए बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि सह प्रवक्ता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, राम प्रमोद सिंह, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, प्रद्युम्न दुबे, धर्मेंद्र कुमार निराला, शिव कुमार चौरसिया, राहुल चंद्रवंशी, रूपेश चौधरी, अशोक राम, उदय शंकर पालित सहित अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह रिजर्व बैंक के गवर्नर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष और देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन किया।

नेताओं ने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहते हुए भारत को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया और देश को विकसित राष्ट्रों की कतार में खड़ा करने का कार्य किया। आज देश जिस आर्थिक प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, उसकी नींव डॉ. मनमोहन सिंह ने ही रखी थी।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह में भारत रत्न पाने की सभी योग्यताएं थीं, इसके बावजूद उन्हें अब तक मरणोपरांत यह सम्मान नहीं दिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि डॉ. मनमोहन सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।

इसके साथ ही नेताओं ने यह भी मांग की कि दिल्ली स्थित रिजर्व बैंक और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के परिसर में डॉ. मनमोहन सिंह की आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को याद रख सकें।

रिपोर्ट: विश्वनाथ आनंद.

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