New Delhi : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। तीन सगी बहनें – निशिका (16 साल), प्राची (14 साल) और पाखी (12 साल) – ने भारत सिटी सोसाइटी में नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। रात करीब 2 बजे का वक्त था, जब ये तीनों बालकनी से नीचे कूद गईं। मौके पर ही तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने मौके से एक डायरी बरामद की है, जिसमें सुसाइड नोट लिखा हुआ है। अभी मोबाइल फोन की जांच चल रही है, तब तक पूरी कहानी साफ नहीं हो पाएगी।
परिवार वाले बता रहे हैं कि तीनों लड़कियां कोरियन गेम्स की बुरी तरह एडिक्ट हो गई थीं। पापा के मुताबिक, वो बार-बार कोरिया जाने की जिद करती थीं। एक ऑनलाइन टास्क बेस्ड गेम खेलती थीं, जिसमें आखिरी टास्क कथित तौर पर कुछ ऐसा था जो जानलेवा साबित हुआ। सुसाइड नोट में लिखा है – “पापा सॉरी, कोरिया हमारी जिंदगी है, हम इसे नहीं छोड़ सकते।” कोविड टाइम से ये सिलसिला शुरू हुआ था, तब से वो स्कूल भी नहीं जा रही थीं। नाम तक कोरियन रखने लगी थीं, साथ नहाना, खाना, सोना – सब कुछ एक साथ करती थीं।
लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती। इनका परिवार थोड़ा अलग है। पिता चेतन एक शेयर ट्रेडर हैं। उनके साथ फ्लैट में दो पत्नियां और साली रहती हैं – तीनों सगी बहनें। कहा जा रहा है कि शेयर मार्केट में काफी नुकसान हो चुका है, करीब दो करोड़ का लॉस। फ्लैट किराए का है, बिजली का कनेक्शन तक कट गया था। आर्थिक हालात अच्छे नहीं थे। क्या सिर्फ गेम की लत थी या घर की तंगी भी इन मासूमों पर भारी पड़ रही थी? ये सवाल सबके मन में घूम रहा है।
सोशल मीडिया पर ये खबर फैलते ही लोग सदमे में हैं। एक्स पर एक यूजर ने लिखा, “ये डिजिटल दुनिया कितनी खतरनाक हो गई है, तीन मासूम जिंदगियां चली गईं। पेरेंट्स अब भी नहीं संभले तो और कितने घर उजड़ेंगे?” एक और पोस्ट में कहा गया, “कोरियन लव गेम जैसी चीजें ब्लू व्हेल की तरह जान ले रही हैं, सरकार को ऐसे ऐप्स बैन करने चाहिए।” किसी ने लिखा, “पापा का दर्द देखा नहीं जाता, दो पत्नियां, पांच बच्चे, सब एक साथ रहते थे – अब ये घर कैसे चलेगा?” कई लोग डिजिटल पैरेंटिंग की बात कर रहे हैं, कह रहे हैं कि बच्चों के फोन पर नजर रखो, वरना देर हो जाएगी।
ये हादसा हमें बहुत कुछ सिखाता है। बच्चों को मोबाइल देना आसान है, लेकिन उनकी दुनिया पर नजर रखना आसान नहीं। गेम की लत हो या घर की परेशानी – दोनों ही खतरनाक हैं। इन तीन नन्ही जानों को श्रद्धांजलि। आप क्या सोचते हैं – वजह सिर्फ गेम थी या कुछ और भी?
रिपोर्ट: इस्माटाइम्स न्यूज़ डेस्क.
