औरंगाबाद (बिहार), 29 अप्रैल 2026: बुधवार को जिला परिषद के कार्यालय कक्ष में एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया गया, जहां मौजूद संवाददाताओं को एक अहम कार्यक्रम की जानकारी दी गई। बताया गया कि 6 मई 2026 से लेकर 16 मई 2026 तक गोह प्रखंड के डीहुरी में सनातन वैदिक चिकित्सा विश्व शांति महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
इस महायज्ञ का मकसद सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पर्यावरण शुद्धि और शरीर की सफाई पर खास जोर दिया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस दौरान आधुनिक मशीनों के जरिए पूरे शरीर की जांच विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी, और इसके लिए सिर्फ 500 रुपये की सहयोग राशि रखी गई है। आम तौर पर ऐसी जांच कराने में 20,000 से 25,000 रुपये तक का खर्च आता है, लेकिन यहां यह सुविधा बहुत कम लागत में उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संवाददाताओं ने वेदाचार्य पंडित राजेश तिवारी से कई सवाल भी पूछे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वैदिक और आयुर्वेदिक ज्ञान अध्ययन और आत्मचिंतन से प्राप्त होता है। उन्होंने समझाया कि आयुर्वेद का मतलब केवल शरीर का इलाज नहीं है, बल्कि शरीर, इंद्रियों, मन और आत्मा के संतुलन को समझना है। उनके मुताबिक, जहां आत्मा का ख्याल नहीं रखा जाता, वहां वास्तविक इलाज नहीं हो पाता।

उन्होंने आगे कहा कि आयुर्वेद वेदों से ही निकला है, खास तौर पर ऋग्वेद से। सही जीवनशैली, जैसे दिनचर्या, ऋतुचर्या, और खान-पान के नियमों का पालन करके व्यक्ति बिना दवा और डॉक्टर के भी स्वस्थ रह सकता है। उनका मानना है कि लोगों को इस मूल सोच को समझने की जरूरत है।
गुरुकुल परंपरा और संस्कृत भाषा पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने चिंता जताई कि आज के समय में गुरुकुल व्यवस्था खत्म होने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि संस्कृत, जिसे सभी भाषाओं की जननी माना जाता है, आज लोगों से दूर होती जा रही है। उनके अनुसार, पहले के समय में लाखों गुरुकुल हुआ करते थे, लेकिन आजादी के बाद इस व्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचा।

उन्होंने यह भी कहा कि संस्कृत और वेदों में ऐसा ज्ञान था जो शरीर और जीवन दोनों को शुद्ध और संतुलित रखता था, लेकिन धीरे-धीरे इसे समाज से दूर कर दिया गया। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि अब एक बार फिर से लोग इन परंपराओं की ओर लौट रहे हैं।
यह प्रेस कांफ्रेंस आने वाले महायज्ञ और उससे जुड़ी गतिविधियों को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
